RBI MPC Meeting: मुद्रास्फीती 5.2 से घटकर 5.1 प्रतिशत का अनुमान, रेपो रेट में स्थिरता बरकरार

नेशनलRBI MPC Meeting: मुद्रास्फीती 5.2 से घटकर 5.1 प्रतिशत का अनुमान, रेपो...

Date:

RBI Monetary Policy Committee Meeting: आज आरबीआई की मौद्रिक समिति की बैठक के बाद गवर्नर शशिकांत दास ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। जिसमें आरबीआई गवर्नर ने बताया कि महंगाई दरों में कमी के चलते रेपो रेट 6.50 प्रतिशत बरकरार रखा गया है। वहीं देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत हुआ है।
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की बैठक गत मंगलवार को शुरू हुई थी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक हर दो माह के अंतराल पर होती है। बैठक में आर्थिक नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव पर बातचीत है।


एमपीसी के बाद ब्याज दरें स्थिर रखने का समर्थन

मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास ने प्रेस वार्ता की। आरबीआई गवर्नर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार एमपीसी बैठक में रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया गया है। यह 6.5 फीसद पर बना रहेगा। गवर्नर ने कहा कि एमपीसी के सदस्यों ने ब्याज दरों को अभी स्थिर रखने का समर्थन किया।

2023-24 में महंगाई दर 4 फीसद से अधिक का अनुमान

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि 2023—24 वित्त वर्ष में महंगाई दर 4 फीसदी से अधिक बनी रहेगी। वित्त वर्ष 24 में सीपीआई 5.2 से घटकर 5.1 फीसद रह सकती है। वित्त वर्ष 24 में 6.5 प्रतिशत की विकास दर संभव है। तीसरी तिमाही में छह प्रतिशत विकास दर का अनुमान है। वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ आठ प्रतिशत तक पहुंच सकती है। चाैथी तिमाही में रियल जीडीपी वृद्धि 5.7 प्रतिशत रह सकती है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में मांग मजबूत बनी है।

निवेश में सुधार, माॅनसून के समान्य रहने की उम्मीद

आरबीआई गवर्नर ने इस दौरान कहा कि निवेश में सुधार हुआ है। इस बार मानसून के सामान्य रहने का अनुमान है। आरबीआई गवर्नर ने बतया कि केंद्रीय बैंक महंगाई पर नजर टिकाए है। आरबीआई गवर्नर ने एमपीसी बैठक के बाद कहा कि बीते महीनों में आयात घटने से व्यापार घाटे में आई कमी को देखना होगा। उन्होंने कहा है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत हुआ है।

शक्तिकांत दास ने कहा कि अप्रैल के मुकाबले अब स्थितियां काफी बेहतर हुईं हैं। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि शुरुआती आंकड़ों के मजबूत होने से एफडीआई में सुधार हुआ है। कैपेक्स में सुधार का माहौल अच्छा है। अप्रैल के मुकाबले स्थितियां बेहतर हुईं हैं। उन्होंने कहा कि ई-रूपी का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इससे देश में डिजिटल भुगतान का दायरा बढ़ेगा। बैंक रूपे प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड जारी कर सकेंगे।

मंगलवार से चल रही थी एमपीसी बैठक

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार से चल रही थी। दो महीने के अंतराल पर होने वाली मौद्रिक नीति समिति बैठक में आर्थिक नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव पर चर्चा होती है। अप्रैल में हुई पिछली बैठक में नीतिगत ब्याज दरों या रेपो रेट में बदलाव नहीं किया था। हालांकि, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने उस दौरान कहा था कि ये फैसला इसी मीटिंग के लिए है। जरूरी नहीं है कि ब्याज दरों को आगे ऐसे ही रखा जाए। जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है।
लेकिन इस बार भी जून में आयोजित मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ब्याज दर स्थिर रखी गई है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related