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Uttar Pradesh में महिलाओं की आधी आबादी पर हार्ट अटैक का खतरा

उत्तर प्रदेशUttar Pradesh में महिलाओं की आधी आबादी पर हार्ट अटैक का खतरा

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  • शहरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं का भी बिगड़ा कमर टू हिप रेश्यो
  • टाइप टू डायबिटीज सहित अन्य बीमारियों का बड़ा संकेत

महिलाओं की पतली कमर हमेशा से ही आकर्षण का विषय रही हैं। हिंदी फिल्मों में इसे लेकर गाने तक रचे गए हैं। पतली कमर की चाह में ज्यादातर लड़कियां जिम में भी काफी पसीना बहाती है। लेकिन उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए उनकी कमर ही खतरे का कारण बन रही है। दरअसल प्रदेश की आधी से अधिक आबादी अपनी कमर की वजह से हार्ट अटैक और टाइप टू डायबिटीज के मुहाने पर आ पहुंची है। इन महिलाओं का कमर टू हिप रेश्यो पूरी तरह से बिगड़ गया है। राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण 5 की रिपोर्ट में महिलाओं की सेहत को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ये स्थिति काफी चिंताजनक है।

क्या होता है कमर टू हिप रेश्यो

कमर टू हिप रेश्यो कई गंभीर बीमारियों के संकेत देता है। बीएमआई की तरह किसी भी व्यक्ति में मोटापे को नापने का बेहतर तरीका है। बीमारियों के बारे में अनुमान लेने के लिए इसे काफी सटीक माना जाता है। चिकित्सकों के बीच यह काफी प्रचलित है। इसमें कूल्हे व कमर की परिधि को नापा जाता है और फिर उसकी औसत निकाला जाता है। चिकित्सा मानते हैं कि यदि कमर में कूल्हे यानी हिप से अधिक वजन हो तो व्यक्ति में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिनमें हृदय संबंधी, मधुमेह जैसी बीमारियां शामिल है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक महिलाओं में ये रेश्यो 0.85 और पुरुषों में 0. 9 तक होना चाहिए। यदि दोनों में ये 1.0 तक पहुंच जाता है तो इसे खतरे की घंटी समझना चाहिए। कमर में अधिक वजन असमय मृत्यु का भी कारण बन सकता है।

ये है स्थिति

प्रदेश की महिलाओं की कुल 56.8 फीसदी आबादी में कमर से हिप का अनुपात असंतुलित पाया गया है। इसमें शहरी क्षेत्र की महिलाएं अधिक गंभीर स्थिति में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शहरों में रहने वाली महिलाओं की 61.7 फीसदी आबादी में ये संतुलन बिगड़ा हुआ है। वहीं ग्रामीण इलाकों की 55.2 फ़ीसदी आबादी की कमर में मोटापा चढ़ा हुआ है। चिकित्सक बताते हैं कि महिलाओं में कूल्हे से अधिक मोटी कमर दिल की बीमारियों का खतरा अधिक पैदा करती है।

पुरुषों में भी स्थिति गम्भीर

महिलाओं के साथ ही पुरुषों की स्थिति भी काफी चिंताजनक है रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 52.1 प्रतिशत पुरुषों की कमर पर कुल्हों के मुकाबले अधिक चर्बी पाई गई है। इसमें शहरी क्षेत्र के 56 फीसदी, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 50 फीसदी पुरुष ऐसे हैं जिनका कमर तो हिप रेश्यो बिगड़ा हुआ है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अधिक देर तक एक ही जगह पर बैठे रहने, कम शारीरिक श्रम वाले कार्य करने जंक फूड के अधिक सेवन और बिगड़ी हुई जीवन शैली के चलते ये समस्या अधिक पनप रही है। इसके कारण लोगों में स्ट्रोक, हृदयाघात, कार्डियक अरेस्ट, मधुमेह जैसी स्थिति बनने का खतरा अधिक बनता है।

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