पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुखार का कहर, हंसते खेलते बुझ रहे घरों के दीपक
बुखार के मरीजों को इन दिनों काफी सावधानी बरतने की जरूरत है।पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कई जिलों में इन दिनों हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे हैं। तीन दिन का बुखार मरीज की जान ले रहा है। बुखार के इस वैरिएंट से चिकित्सक भी हैरान हैं। उनका कहना है कि पिछले तीन चार महीने में ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं। सभी मामलों में अचानक मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी स्थिति बन रही है।
केस स्टडीज से समझे माजरा
मवाना निवासी पूजा (50 वर्ष) को 15 दिन पहले सामान्य रूप से बुखार आया। परिजनों ने चिकित्सक को दिखाया। जांच हुई। डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड आदि सभी जांचे निगेटिव पाई गई। उपचार के दौरान दूसरे दिन पता चला कि पूजा की प्लेटलेट्स ढाई लाख से सिर्फ़ 25 हजार रह गई। लिवर और किडनी में संक्रमण पाया गया। इसी बीच शरीर के कई अंग फेल हो गए। तीसरे दिन ही उनकी जान चली गई।
54 वर्षीय अनिल को दस दिन पहले बुखार आया। जांचे हुई, सब निगेटिव मिला। उन्हें बड़े अस्पताल में भर्ती किया गया। दूसरे दिन ही लिवर फेल हो गया और उनकी जान चली गई।
परीक्षितगढ़ निवासी सोनम के पति (36 वर्ष) को दो महीने पहले तेज बुखार आया। अस्पताल में भर्ती किया। कई जांच हुई लेकिन सब नॉर्मल आया। सिर में दर्द की शिकायत पर एमआरआई और अन्य जांचे हुई। दिमाग में क्लोटिंग मिली। जबकि उनकी चोट या गिरने की को हिस्ट्री नहीं मिली। पहले किसी बीमारी की भी कोई हिस्ट्री नहीं थी। काफी इलाज हुआ लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। परिवार जनों ने बताया कि पहले कोई बीमारी नहीं थी। सिर्फ तीन दिन से बुखार ही था। हंस- बोल रहे थे। कोई परेशानी भी नहीं थी।
वातावरण में घुल रहे रहस्यमयी वायरस
चिकित्सकों का कहना है कि वातावरण में कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया फैले रहते हैं। इनमें कुछ की ही जांचे होती हैं। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। संभव है कि कोई अज्ञात वायरस इस तरह से हमला कर रहा हो। इसका पता वायरोलॉजी लैब में पूरी जांच के बाद ही लगाया जा सकता है। इन दिनों ऐसे कई केस मिल रहे हैं। मरीज को बुखार ही हिस्ट्री रहती हैं। अचानक मरीज गंभीर हो जाता है। बाहर से इसका प्रभाव कम दिखाई पड़ता है लेकिन शरीर के भीतरी अंग एक एक करके फेल होने शुरू हो जाते हैं। कई बार मरीज को तुरंत वेंटीलेटर पर लेना पड़ता है।
न करें बुखार को नज़र अंदाज़
चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों कई तरह की बीमारियां फैली हुई हैं। यदि किसी को सामान्य बुखार आता है तो भी इसे नजर अंदाज ना करें। तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें और सही उपचार लें। बुखार के मरीजों को जरा भी देरी भारी पड़ सकती हैं। कई मामलों में प्लेटलेट्स अचानक से गिर जाती हैं। जब तक मरीज अस्पताल पहुंचता है तब तक शरीर के कई अंग क्षति ग्रस्त हो जाते हैं। मरीजों के लिवर, किडनी, फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण जान चली जाती है। मरीज का इन बीमारियों से बचाव के लिए सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है।

