लखनऊ: UP Polls 2022| देश को सात प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश को दो मुख्यमंत्री देने वाले प्रयागराज में सबसे ज्यादा 12 विधानसभा सीटें हैं। पिछले तीन विधानसभा चुनाव (UP Polls 2022) के परिणाम गवाह हैं कि जिस दल को जिले में सबसे ज्यादा सीटें मिलती हैं, सूबे में उसी की सरकार बनती है। यही कारण है कि धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व वाला प्रयागराज सभी सियासी दलों की प्राथमिकता में रहता है। इस बार मोहरे भले ही बदले हों, लेकिन चुनावी बिसात कमोवेश वर्ष 2017 जैसी ही है। यहां कई सीटों पर सीधी टक्कर है तो कुछ पर सीधी लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास है। 27 फरवरी को प्रयागराज में मतदान तो हो चुका है और अब 10 मार्च को देखना है कि मतदाता पुराना इतिहास दोहराएंगे या नई कहानी लिखेंगे।
Read also-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों से की मुलाकात
प्रतापपुर विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
अपना दल- डॉ राकेश त्रिपाठी
सपा- विजमा यादव
बसपा- घनश्याम पांडे
कांग्रेस- संजय तिवारी
प्रतापपुर विधानसभा सीट पर सवर्ण मतदाताओं की बड़ी संख्या है। इसमें भी ब्राह्मण मतदाताओं की काफी संख्या है। ऐसे में निर्णायक भूमिका भी इन्हीं की है। प्रतापपुर में भाजपा के सहयोगी अपना दल के प्रत्याशी डॉ. राकेश त्रिपाठी मैदान में हैं। यहां पर कांग्रेस के प्रत्याशी संजय तिवारी भाजपा प्रत्याशी को चुनौती दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी भी विजमा यादव को टिकट देकर मुकाबले को रोमांचक कर दिया है।
कुल मतदाता- 3,82,749
पुरुष- 2,8,680
महिला- 1,74,009
फूलपुर विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
भाजपा- प्रवीण पटेल
सपा- मुज्तफा सिद्दीकी
बसपा- राम तोलन यादव
कांग्रेस- सिद्धनाथ
Read also- मणिपुर विधानसभा चुनाव चरण 1 : पहले 2 घंटों में हुआ 10 प्रतिशत मतदान
फूलपुर विधानसभा में दलित मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने दलित समुदाय में अच्छी-खासी पैठ बनाई हैं, क्योंकि सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ दिया गया है। इससे दलित मतदाता भाजपा से जुड़ता चला गया। ऐसे में फूलपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला होता दिख रहा है। सपा ने अल्पसंख्यक कार्ड खेलते हुए मुज्तफा सिद्दीकी को अपना प्रत्याशी बनाया है। तो वहीं, बसपा ने यादव कार्ड खेलते हुए राम तोलन यादव को टिकट देकर मैदान में उतारा है।
कुल मतदाता- 3,14,041
पुरुष- 1,75,485
महिला- 1,38,541
करछना विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
निषाद पार्टी- पीयूष रंजन
सपा- उज्ज्वल रमण सिंह
बसपा- भाने शुक्ला
कांग्रेस- रिंकी पटेल
करछना के जोशीले मतदाताओं ने अपने प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण किसानों, मजदूरों की संख्या सबसे ज्यादा हैं। समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले इस विधानसभा में सपा ही सपा रही है। ऐसे में यहां पर समाजवादी की प्रतिष्ठा दांव पर है। एक ओर जहां सपा के लिए इतिहास दोहराने की चुनौती है तो वहीं, भाजपा इस सीट पर जीत हासिल कर सपा के किले को भेदना चाहेगी। अब मतदाताओं ने सपा पर भरोसा जताया है या भाजपा को मौका दिया है यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा।
कुल मतदाता- 3,28,729
पुरुष- 1,82,161
महिला- 1,46,543
मेजा विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
भाजपा- नीलम करवरिया
सपा- संदीप पटेल
बसपा- बाबा तिवारी
कांग्रेस- शालिनी द्विवेदी
यह क्षेत्र ब्राह्मण बाहुल्य होने के कारण यहां पर ब्राह्मणों का दबदबा बना रहता है। भारतीय जनता पार्टी ने नीलम करवरिया, बहुजन समाज पार्टी ने बाबा तिवारी, समाजवादी पार्टी ने संदीप पटेल और कांग्रेस ने शालिनी द्विवेदी को टिकट दिया है। विधानसभा 2022 चुनाव का मतदान हो चुका है। मेजा विधानसभा सीट पर भाजपा की नीलम करवरिया और कांग्रेस की शालिनी द्विवेदी के बीच जोरदार मुकाबला है।
कुल मतदाता- 3,17,700
पुरुष- 1,75,047
महिला- 1,42,634
शहर उत्तरी विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
बीजेपी- हर्षवर्धन बाजपेई
सपा- संदीप यादव
बसपा- संजय गोस्वामी
कांग्रेस- अनुग्रह नारायण सिंह
शहर उत्तरी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के हर्षवर्धन बाजपेयी और कांग्रेस प्रत्याशी अनुग्रह नारायण सिंह के बीच कांटे का मुकाबला है। बौद्धिक रूप से संपन्न इस विधानसभा में जातिगत मतदान नहीं होता है। लगभग सभी जाति-उपजाति के रहने वालों के कारण यहां पर प्रत्याशी की योग्यता पर चुनाव होता है, या यूं कहा जाए कि यहां पर प्रत्याशी नहीं योग्यता का चुनाव होता है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। ऐसे माहौल के बीच 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच जोरदार मुकाबला है। यहां पर मतदान के बाद भाजपा के हर्षवर्धन बाजपेई, कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह, बसपा के संजय गोस्वामी और सपा के संदीप यादव का भविष्य मतदाताओं ने तय कर दिया है।
कुल मतदाता- 4,17,788
पुरुष- 2,31,410
महिला- 1,86,307
शहर दक्षिणी विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
भाजपा- नंद गोपाल नंदी
सपा- रईस चंद्र शुक्ला
बसपा- एडवोकेट देवेंद्र मिश्र
कांग्रेस- अल्पना निषाद
शहर दक्षिणी विधानसभा सीट पर नंद गोपाल नंदी को रोकने के लिए बसपा, सपा कांग्रेस ने फील्डिंग सजाई है। जिसमें कांग्रेस से अल्पना निषाद, बसपा ने देवेंद्र मिश्र और सपा ने रईस चंद्र शुक्ला को टिकट दिया है। दक्षिणी सीट पर व्यापारी वर्ग की बहुलता है। तो वहीं कायस्थ, खत्री, दलित, ब्राह्मण मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी ठीक ठाक है। अधिकतर मुसलमानों के सपा के लिए ध्रुवीकरण होने पर यहां पर मुकाबला सपा बनाम भाजपा हो गया है। 4 लाख से अधिक मतदाताओं ने प्रत्याशियों के भाग का परिणाम ईवीएम में कैद कर दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि नंद गोपाल नंदी की प्रतिष्ठा बचती है या फिर सपा प्रत्याशी जीत तय करते हैं।
शहर पश्चिमी विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
भाजपा- सिद्धार्थ नाथ सिंह
सपा- डॉ. रिचा सिंह
बसपा- गुलाम कादिर
कांग्रेस- तत्समल्लूदीन
शहर पश्चिमी विधानसभा सीट पर भाजपा सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। उनके खिलाफ समाजवादी पार्टी ने डॉ. ऋचा सिंह को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में इस विधानसभा सीट पर बीजेपी और सपा में जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है। मतदान के बाद सभी का भविष्य ईवीएम में कैद हो चुका है। अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की संख्या अधिक होने की वजह से सपा अपने आप मजबूत हो रही है। हालांकि, व्यापारी वर्ग की संख्या भी कम नही है, जो भाजपा के वोटर माने जाते हैं। बसपा और कांग्रेस ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए दोनों को अपना प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में दोनों ही एक दूसरे के वोटरों को काटने का काम कर रहे हैं। बसपा से गुलाम कादिर और कांग्रेस से तत्समल्लूदीन मैदान में हैं, जो तीसरे और चौथे नम्बर के लिए लड़ाई लड़ चुके हैं।
कुल मतदाता- 4,16,222
पुरुष- 1,86,409
महिला- 2,29,778
फाफामऊ विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
भाजपा- गुरु प्रसाद मौर्य
सपा- अंसार अहमद
बसपा- ओम प्रकाश पटेल
कांग्रेस- दुर्गेश पांडे
चार लाख से अधिक मतदाता वाली फाफामऊ विधानसभा सीट पर किसानों का बोलबाला है। कृषि प्रधान होने के साथ ही यहां पर 45 हजार मतदाताओं के साथ यादवों का दबदबा है। अन्य जातियों में 38 हजार पटेल, 22 हजार मौर्य और दलित, पाल, ब्राह्मण के साथ मुस्लिम मतदाता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में भाजपा ने गुरु प्रसाद मौर्य को टिकट दिया है। तो ब्राह्मणों को साधने के लिए कांग्रेस ने दुर्गेश पांडे को प्रत्याशी बनाया है। पटेल बिरादरी के वोट में सेंध मारने कर लिए बसपा ने ओम प्रकाश पटेल और अल्पसंख्यकों को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने अंसार अहमद को मैदान में उतारा है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि फाफामऊ विधानसभा के मतदाताओं ने किसके नाम पर मुहर लगाई है। फिलहाल भाजपा और सपा के प्रत्याशी के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
बारा विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
अपना दल (एस)- वाचस्पति
सपा- अजय मुन्ना
बसपा- अजय भारती
कांग्रेस- मंजू संत
दलित मतदाता बाहुल्य सीट पर सभी पार्टियों ने दलित प्रत्याशी पर दांव लगाया है। जिनमें भाजपा समर्थित अपना दल के वाचस्पति, बसपा से अजय भारतीय, सपा से अजय मुन्ना और कांग्रेस से मंजू संत मैदान में हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में विकास के दम पर अपना दल प्रत्याशी मजबूती से अपनी दावेदारी पेश की लेकिन बसपा, सपा और कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दी है। मतदान के बाद सभी का भाग्य ईवीएम में कैद है। कड़े मुकाबले के बीच अपना दल प्रत्याशी की जीत तय बतायी जा रही है।
कुल मतदाता- 3,22,442
पुरुष- 1,75,932
महिला- 1,46,495
सोरांव विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
अपना दल (एस)- जमुना प्रसाद सरोज
सपा- गीता पासी
बसपा- आनंद पासी
कांग्रेस- मनोज पासी
सोरांव विधानसभा सीट पर भाजपा के सहयोगी दल अपना दल ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। वर्ष 2017 की तरह इस बार भी अपना दल प्रत्याशी जमुना प्रसाद सरोज ने मजबूती से चुनाव लड़ा है। इस विधानसभा सीट पर सभी जाति के प्रत्याशियों को जीत मिल चुकी है, लेकिन 2017 से यह विधानसभा अपना दल का गढ़ माना जाने लगा है। अनुसूचित जाति बाहुल्य सीट पर कुल 3,16,484 मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,71,655 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,44,817 है। पासी मतदाताओं की संख्या एक लाख के आसपास है। अन्य जातियों में 60 हजार यादव, 50 हजार ब्राह्मण, 30 हजार मौर्य, 20 हजार पाल और 10 हजार अन्य जातियां शामिल हैं। सभी ने अपने मताधिकार का उपयोग भी कर लिया है।
सोरांव विधानसभा सीट पर वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर अपना दल को यहां जीत मिली थी। इस बार 2022 में भी बीजेपी-अपना दल ने पुराना समीकरण दोहराया है। यहां से अपना दल के प्रत्याशी जमुना प्रसाद सरोज हैं, तो बसपा ने पासी बिरादरी के आनंद पासी को टिकट दिया है। यही नहीं कांग्रेस और सपा ने भी पासी बिरादरी के प्रत्याशी को मौदान में उतारा है। सपा से गीता पासी और कांग्रेस से मनोज पासी विधायक बनने के लिए जोरआजमाइश कर चुके हैं। मतदाताओं ने प्रत्यशियों के भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया है। ऐसे में अपना दल के जमुना प्रसाद सरोज को रोकने में विपक्षी कितना कामयाब हो पाते हैं यह 10 मार्च को पता चलेगा।
Read also- आंध्रप्रदेश भाजपा प्रभारी सचिव सत्य कुमार उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में पार्टी के रणनीतिकार
हंडिया विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
निषाद पार्टी- प्रशांत सिंह
सपा- हाकिम लाल बिंद
बसपा- नरेंद्र त्रिपाठी
कांग्रेस- रीना देवी बिंद
भाजपा और निषाद पार्टी मिलकर हंडिया विधानसभा में चुनाव लड़ रहीं हैं। निषाद पार्टी के समर्थन में बीजेपी ने अपना प्रत्याशी नही उतारा है। हंडिया विधानसभा क्षेत्र में जातिगत समीकरण हमेशा हावी रहे हैं। इसी आधार पर यहां पर जीत हार तय होती रही है। यादव-ब्राह्मण बाहुल्य सीट में अन्य जातियां भी विधायक बनाने में महत्वपूर्ण रोल अदा करतीं हैं। जातिगत समीकरण के आधार पर इस बार हंडिया क्षेत्र में निषाद पार्टी बसपा और सपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ है। निषाद पार्टी के प्रशांत सिंह, बसपा के नरेंद्र त्रिपाठी और सपा के हाकिम लाल बिंद एक दूसरे को कड़ी चुनौती देते रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी रीना देवी बिंद ने भी चुनाव में मतदाताओं को कांग्रेस से जोड़ने का अथक प्रयास किया है।
कुल मतदाता- 3,75,000
पुरुष- 2 लाख
महिला- 1,75,000
कोरांव विधानसभा सीट
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रत्याशी
भाजपा- राजमणि कोल
सपा- रामदेव
बसपा- राजबली जैसद
कांग्रेस- रामकृपाल
इस क्षेत्र में लगभग एक लाख के आसपास आदिवासी मतदाता शामिल हैं। ऐसे में यहां पर आदिवासी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहां से राजमणि कोल को टिकट देकर बड़ा दांव खेला है। तो वहीं बीजेपी की काट के लिए बसपा, सपा, कांग्रेस ने भी मजबूत प्रत्याशी उतारा है। राजमणि कोल की आदिवासी बिरादरी में मजबूत पकड़ मानी जाती है। तो वहीं सपा के रामदेव, कांग्रेस के रामकृपाल और बसपा के राजबली जैसद भी मतदाताओं को अपनी ओर खींचने का प्रयास कर चुके हैं। मतदान के बाद जिसे आदिवासियों का आशीर्वाद मिला होगा उसकी जीत तय है।
कुल मतदाता- 3,50,000
पुरुष- 1,89,998
महिला- 1,59,250।

