Ghosi Bypoll Election 2023: घोसी विधानसभा उप चुनाव के लिए आज सुबह से मतदान जारी है। मतदाताओं में आज उत्साह देखा जा रहा है। घोसी विधानसभा उपचुनाव का परिणाम एनडीए और इंडिया जैसे गठबंधन की दिशा तय करेगा। भाजपा ने घोसी विधानसभा उप चुनाव जीतने के लिए अंतिम दिनों में अपनी रणनीति में बदलाव किया। पार्टी रणनीतिकारों ने चुनाव को दारा सिंह चौहान बनाम सुधाकर सिंह की जगह भाजपा बनाम सपा बनाने के लिए ताकत झोंक दी थी।
भाजपा और सपा ने बूथ स्तर तक तगड़ी मोर्चेबंदी की
घोसी विधानसभा चुनाव के लिए आज हो रहे मतदान में प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) बनाम इंडिया का पहला मुकाबला हो रहा है। उपचुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाते हुए भाजपा और सपा ने बूथ स्तर तक तगड़ी मोर्चेबंदी की है। घोसी उप चुनाव में भाजपा के दारा सिंह चौहान और सपा के सुधाकर सिंह के बीच कड़ी टक्कर है। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में एनडीए के सहयोगी अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी उतरे हैं। वहीं सपा को इंडिया के घटक दल रालोद, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का समर्थन मिल रहा है।
प्रत्येक बूथ पर टीम के साथ जिम्मेदार पदाधिकारियों को तैनात किया गया
इससे उपचुनावी मुकाबला एनडीए बनाम ‘इंडिया‘ बनकर रह गया है। दोनों गठबंधनों ने उप चुनाव जीतने के लिए बूथ से लेकर निर्वाचन आयोग तक मोर्चेबंदी की है। भाजपा की तरफ से जहां प्रत्येक बूथ पर टीम के साथ जिम्मेदार पदाधिकारियों को तैनात किया गया है। मतदान के दिन सरकार के मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एक-एक बूथ की स्थिति पर नजर रखें हुए हैं। सपा की ओर से बूथों के लिहाज से मजबूत रणनीति बनाई है। स्थानीय यादव, मुस्लिम, भूमिहार, ठाकुर नेताओं को वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए कार्यकर्ता मुस्तैद हैं। घोसी के जातीय समीकरण के लिहाज से उप चुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो 8 सितंबर को मतगणना के बाद तय होगा। लेकिन चुनाव नतीजे के प्रदेश में एनडीए और इंडिया के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
दारा सिंह बनाम सुधाकर की जगह भाजपा बनाम सपा
भाजपा ने घोसी विधानसभा उप चुनाव को जीतने के लिए रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी रणनीतिकारों ने चुनाव को दारा सिंह चौहान बनाम सुधाकर सिंह के स्थान पर भाजपा बनाम समाजवादी पार्टी बना दिया है। इस चुनाव के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सहित सरकार और संगठन की टीम ने करीब पंद्रह दिनों तक कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के साथ चुनावी राह के अवरोध दूर करने में मशक्कत की।
भाजपा कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी
घोसी उपचुनाव में दारा सिंह को प्रत्याशी घोषित करने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी थी। वहीं स्थानीय जनता में दारा सिंह के खिलाफ असंतोष था। सपा की ओर से इस मुद्दे को प्रचारित किया गया। भाजपा ने इस नाराजगी को भांपते हुए चुनाव को दारा सिंह बनाम सुधाकर सिंह की जगह भाजपा बनाम सपा की रणनीति अपनाई। पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्ताओं के बीच भाजपा की प्रतिष्ठा की बात रखते हुए उनकी नाराजगी दूर की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 2 सितंबर को रैली में विपक्ष के साथ सपा पर सीधा निशाना साधा था। योगी ने मऊ दंगों का जिक्र करते हुए जनता को साधने का प्रयास किया। कहा कि,घोसी का महत्व वो समझेंगे जिसने 2005 के मऊ दंगों को देखा होगा। जब मऊ जल रहा था तब उन्होंने दंगाबाजों के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने घोसी में बीते साढ़े छह साल में हुए विकास की याद दिलाई। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी दो बार घोसी का दौरा कर चुके हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की बसपा में सेंधमारी
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अलग-अलग चरण में करीब आठ दिन घोसी में डेरा डाला। पाठक को ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के साथ बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। पाठक ने बसपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क साधकर भाजपा के लिए समर्थन मांगा। उल्लेखनीय है कि पाठक 2016 में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। पाठक ने बड़ी संख्या में बसपा के पूर्व विधायक, सांसद और पदाधिकारियों को भाजपा में शामिल कराया था है।