देहरादून | उत्तराखंड विधानसभा चुनाव – टिकट वितरण के बाद सत्तारूढ भाजपा में भी घमासान मचा हुआ है। असंतुष्टों को प्रदेश में मनाने की कमान अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने हाथ में ले ली हैं। इसे लिए बीजेवी से पार्टी का टिकट नहीं मिलने से बागी हुए शेरसिंह गड़िया को मनाने सीएम पुष्कर सिंह धामी कपकोट आएंगे। सीएम धामी बागी सुरेश गड़िया के समर्थकों से मिलकर उनकी नाराजगी दूर करने का काम करेंगे। बता दे कि टिकट की घोषणा के बाद जब शेरसिंह गड़िया को पता चला कि उनका टिकट नहीं हुआ तो वे बागी हो गए हैं। उनको मनाने के लिए पार्टी ने स्थानीय स्तर के नेताओं को भेजा लेकिन सभी प्रयास नाकाम साबित हुए हैं।
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कपकोट विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के लिए सुरेश गड़िया और पूर्व विधायक रहे शेर सिंह गड़िया दावेदार थे। पार्टी ने सुरेश गड़िया को कपकोट से प्रत्याशी बनाया तो शेर सिंह गडिया और उनके समर्थकों ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी। अपने समर्थकों के साथ बैठक कर शेर सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। जिसके बाद भाजपा नेताओं के माथे पर चिंता की लकीर बन गई। बताया जाता है कि अगर शेर सिंह गड़िया निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे तो इसका नुकसान निसंदेह भाजपा को उठाना होगा। जिसका लाभ कांग्रेस को मिलेगा। निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना चुके शेर सिंह गडिया ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को त्यागपत्र भेज दिया है। इससे भाजपा की चिंता बढ़ गई है। वहीं कांग्रेस ने शेर सिंह गड़िया से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। गड़िया शेर सिंह की नाराजगी को भाजपा नेतृत्व ने गंभीरत से लिया है और ये नाराजगी दूर करने की कमान अब प्रदेश चुनाव प्रभारी लाकेट चटजीै के हाथ में दी थी। इस मामले में अब भाजपा प्रदेश नेतृत्व गंभीर हुआ है। यहीं कारण है कि अब कपकोट विधानसभा में भाजपा की नाराजगी दूर करने के लिए सीएम पुष्कर धामी आ रहे हैं और वे कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी नाराजगी दूर करेंगे।

