उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के भाषण के साथ विपक्ष के ज़बरदस्त शोर शराबे के बीच शुरू हुआ. एक तरफ राज्यपाल योगी सरकार की उपलब्धियों को गिना रही थीं, दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के विधायक गवर्नर गो बैक के नारे लगा रहे थे. इसी हंगामे के बीच विधानसभा की कार्रवाई कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.

सपा विधायकों को ज़ोरदार प्रदर्शन
आज जैसे ही गवर्नर का अभिभाषण शुरू हुआ अखिलेश यादव और शिवपाल यादव समेत समाजवादी पार्टी के सभी विधायक हाथों प्ले कार्ड लेकर विरोध जताने लगे, इनमें से कुछ सपा विधायक सभापति के आसान के सामने नारेबाज़ी करने लगे. इस शोर शराबे के बीच गवर्नर आनंदीबेन पटेल अपना भाषण रहीं लेकिन किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था, गवर्नर के भाषण के बाद कार्रवाई को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

अखिलेश के हाथ में जातिगत जनगणना का प्ले कार्ड
सदन में मौजूद सपा विधायकों के हाथों में जो प्ले कार्ड थे उसमें योगी सरकार की नाकामियों और झूठे वादों का ज़िक्र था. अखिलेश यादव के हाथ में जो प्लेकार्ड था उसपर लिखा था जातीय जनगणना कराये सरकार, सबको सम्मान सबको अधिकार। शिवपाल यादव भी अखिलेश के पीछे हाथ में प्ले कार्ड लिए खड़े दिखे। इसके अलावा अन्य पोस्टरों में बेरोज़गारी, किसानों के मुद्दे, मंहगाई और बुलडोज़र के अत्याचार से जुड़े नारे लिखे हुए थे.

हंगामेदार रहेगा यह सत्र
इससे पहले आज बजट सत्र में शामिल होने से पूर्व सदन में पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने साफ़ तौर पर इस बात के संकेत दिए कि जातिगत जनगणना पर विधानसभा का यह सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है. अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने जातिगत जनगणना की मांग पहली बार नहीं उठाई है, सपा ने कांग्रेस शासन के दौरान केंद्र से कई बार जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया था. बता दें कि 22 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेंगे.


