प्रयागराज। 24 फरवरी को प्रयागराज में उमेशपाल को दिन- दहाड़े गोलियां से भून दिया। उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड का मुख्य गवाह था। गोली, बम और धुंआ। जिस तरह फिल्मों में मर्डर होता है, उसी तरह उमेश पाल की हत्या हुई।
शूटआउट के बाद सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आया। उसे देखें तो सफेद कमीज पहने भारी कद काठी के बमबाज गुड्डू मुस्लिम बड़े आराम से झोले से बम निकालता है और इधर-उधर फेंक रहा है। वह बम को ऐसे फेंकता है जैसे कि रबड़ की गेंद फेंक रहा हो। उसके इस तरह के बमबाजी पर लोग हैरान हैं। सबकी नजर उसी बमबाज गुड्डू मुस्लिम पड़ी।
घर के अंदर घुसकर की बरसाए बम
उमेश पाल को जब गोली लगी तो वह जमीन पर गिर गए। कुछ देर में वह उठकर घर की गली की तरफ भागे तो गुड्डू मुस्लिम ने कूद कर उनकी तरफ बम फेंका और घर के अंदर तक घुस कर बमबाजी की। गली, दीवार और घायलों पर बम फेकें। फिलहाल उमेश पाल हत्या में पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम के खिलाफ नामदर्ज केस दर्ज कर लिया है।
गेम्स टीचर की हत्या में नामजद गुड्डू मुस्लिम
बमबाज गुड्डू मुस्लिम का नाम हत्याकांड में पहली बार नहीं आया है। करीब 25 साल पहले राजधानी लखनऊ के लामार्टीनियर स्कूल के गेम्स टीचर फैड्रिकजे गोम्स की हत्या में भी सामने आया था। इसके अलावा हुसैनगंज के एक ठेकेदार संतोष सिंह की हत्या में गुड्डू मुस्लिम था। जिसके बाद दो करीबी बाहुबलियों धनंजय सिंह और अभय सिंह के बीच दुश्मनी की ऐसी खाईं खिंच गई, जो आज तक नहीं भर पाई।
बड़े बाहुबलियों के लिए काम करता है गुड्डू
गुड्डू कई बड़े बाहुबलियों के लिए काम करता है। रेलवे, मोबाइल टॉवर और सड़क के टेंडर उठवाने में अपने आका की मदद करता रहा है। इसके अलावा उसने रियल एस्टेट के कारोबार में हाथ आजमाया।
श्री प्रकाश शुक्ला का चेला गुड्डू मुस्लिम
गुड्डू मुस्लिम ने दो दशक पहले जुर्म की दुनिया में कदम रखा। गुड्डू मुस्लिम कुख्यात हिस्ट्रीशीटर श्रीप्रकाश शुक्ला का चेला रहा है। लखनऊ के गोम्स हत्याकांड में पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम को जेल भेजा।
हालांकि कोर्ट में पुलिस उन्हें दोषी नहीं साबित कर पाई और वह बरी हो गया। इसके बाद गुड्डू बिहार चला गया। वहां पर बिहार पुलिस ने उसे बेऊर जेल के बाहर से गिरफ्तार किया था। गुड्डू बिहार जेल से छूटने के बाद यूपी लौटा और अतीक अहमद गैंग के साथ जुड़ गया।

