एक अनजान स्पिनर के आगे भारतीय टीम के बल्लेबाज़ों ने घुटने टेक दिए, उस टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों ने जो स्पिनर्स को खेलने में सबसे माहिर समझे जाते हैं. पहली पारी में इंग्लैंड को 246 पर बुक करने के बाद जब भारतीय टीम ने पहली पारी में 190 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी तब शायद ही किसी ने टीम इंडिया की हार के बारे में सोचा होगा, शायद इंग्लैंड की टीम ने भी नहीं मगर दूसरी पारी में ओली पॉप ने कुछ साथी बल्लेबाज़ों द्वारा की छोटी छोटी मदद के सहारे जिस तरह 420 का स्कोर खड़ा कर टीम इंडिया को जीत के लिए 231 का लक्ष्य दिया, यकीनन इंग्लैंड की पूरी टीम के अचानक होसले बुलंद हो गए और उनका आत्म विश्वास बढ़ गया, उनके पास जीत के लिए बड़ा मौका भले ही नहीं था लेकिन एक मौका तो ज़रूर था. कम से कम इंग्लैंड का इतना आत्मविश्वास तो बढ़ ही गया था कि दूसरे टेस्ट में वो एक बढे हुए हौसले के साथ पहुंचते।
इंग्लैंड के बांये हाथ के लेग स्पिनर टॉम हार्टले ने भले ही सात विकेट लेकर टीम इंडिया को हार का स्वाद चखाया लेकिन इंग्लैंड की जीत के ही हक़दार तो ओली पॉप ही थे जिन्होंने तनहा भारतीय गेंदबाज़ों का मुकाबला किया और 196 रनों की पारी खेल डाली, दूसरे शब्दों में कहें तो ओली पॉप ने अकेले ही भारतीय टीम की 190 रनों की बढ़त को ख़त्म कर दिया और साथी बल्लेबाज़ों ने टीम को जो छोटा छोटा योगदान दिया, भारतीय टीम के बल्लेबाज़ उस योगदान को भी न पार कर सके. ओली पॉप दुर्भाग्यशाली रहे जो अपने दोहरा शतक न पूरा कर सके.
भारतीय टीम के दूसरी पारी में शुरुआत तो अच्छी हुई, पहले विकेट के लिए 42 रन भी बने मगर इसके आगे की कहानी बल्लेबाज़ों की बदहाली और टॉम हार्टले की खुशहाली की कहानी है. कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ हार्टले को ढंग से नहीं खेल सका. रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 39 रनों की पारी खेली, यशस्वी भी अपने नाम को सार्थक न कर सके और हार्टले के सात शिकारों में दूसरा शिकार बने, गिल की बत्ती दूसरी पारी में भी गुल रही, उनके हिस्से में शून्य आया. इसके बाद के बल्लेबाज़ों में किसी ने भी ऐसी बल्लेबाज़ी नहीं कि जिसका उल्लेख यहाँ पर किया जाय और पूरी टीम 202 के स्कोर पर बुक हो गयी और पांच मैचों की टेस्ट श्रंखला का इंग्लैंड ने जीत से आगाज़ किया।
भारत को उसी की धरती पर टेस्ट मैचों में हराना किसी भी टीम के लिए बहुत बड़ी बात होती है और वो कामयाबी जब किसी स्पिनर के बदौलत मिले तो उस जीत की ख़ुशी उसके लिए दोगुनी हो जाती है. टॉम हार्टले ने 62 रन देकर सात विकेट हासिल किये। यकीनन ये एक शानदार प्रदर्शन कहा जायेगा। भारतीय टीम को इंग्लैंड ने उसी के हथियार स हराया। पहले दिन के खेल में जो नज़ारा दिखा था वही नज़ारा चौथे दिन भी नज़र आया लेकिन इसबार टीमें बदली हुई थीं। रोहित शर्मा ने मैच के बाद कहा कि हमें विश्लेषण करना पड़ेगा कि चीज़े हमारे हाथ से कैसे फिसलीं, वहीँ बेन स्टोक्स ने इसे अपनी सर्वश्रेष्ठ जीतों में से एक जीत बताया.

