अलीगढ़। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ऐसे लोगों को कुत्ता काटे के रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। जिन लोगों को ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों द्वारा हमला करते हुए अपना शिकार बनाया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से रेबीज इंजेक्शन(Rabies vaccine) लगवाने के लिए पहुंचे बच्चों पुरुष और महिला समेत 90 लोगों को रेबीज इंजेक्शन की पहली, दूसरी, और तीसरी डोज लगाई गई है।
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खैर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैर पर आवारा कुत्तों द्वारा लोगों पर अचानक हमला कर अपना शिकार बना लेने वाले कुत्ता काटे लोगों के लिए रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने को लेकर स्वास्थ विभाग की तरफ से कैंप लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगाए गए रेबीज इंजेक्शन(Rabies vaccine) कैंप में डॉक्टर की टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से आवारा कुत्तों द्वारा काटने के बाद मासूम बच्चे बुजुर्गों महिलाओं समेत पहुंचे करीब 50 लोगों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए।इस दौरान 40 उन पुराने लोगों को भी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। जिनके नाम स्वास्थ्य विभाग के रजिस्टर में पहले दर्ज थे। इस तरह नए और पुराने कुल मिलाकर 90 लोगों को कुत्ता काटने के रैबीज इंजेक्शन लगाएं गए है। तो वही रेबीज इंजेक्शन लगाने को लेकर महिलाओं और पुरुषों सहित ऐसे मासूम बच्चे भी नजर आए जिनको आवारा कुत्तों द्वारा अपना शिकार बनाया गया था। रेबीज इंजेक्शन लगवाने को लेकर अस्पताल परिसर में लोगों की लंबी-लंबी लाइनें स्वास्थ विभाग पर लगी हुई नजर आई।
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कुत्ता काटने के रेबीज इंजेक्शन लगा रहे फार्मेसिस्ट नरेंद्र कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैर पर उनके द्वारा कैंप लगाकर 10 बजे से 12:00 बजे तक कुत्ते काटने के शिकार लोगों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए। आज उनके द्वारा 50 नए लोगों को रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। तो 40 उन लोगों को भी इंजेक्शन लगाए गए जिनको रेबीज इंजेक्शन(Rabies vaccine) की दूसरी और तीसरी डोज लगनी थी और उनके रजिस्टर में उनके नाम दर्ज थे। कुल 90 लोगों को उनके द्वारा रैबिज इंजेक्शन लगाए गए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी अगर अस्पताल परिसर में रेबीज इंजेक्शन लगवाने वाले लोगों की संख्या ज्यादा होती है। तो उसके बाद भी उनके द्वारा लोगों को इंजेक्शन लगाए जाते हैं।

