प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के समारोह का नेतृत्व किया। भारी बारिश के कारण डल झील के किनारे होने वाले इस कार्यक्रम को बंद कमरे में आयोजित किया गया। इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन दुनिया में नए कीर्तिमान बना रहा है।
उन्होंने कहा, “योग दिवस पर मैं देशवासियों और दुनिया के कोने-कोने में योग करने वालों को शुभकामनाएं देता हूं। दुनिया भर में योग करने वालों की संख्या बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने 10 साल का ऐतिहासिक सफर पूरा कर लिया है। 2014 में मैंने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। भारत के इस प्रस्ताव का 177 देशों ने समर्थन किया था और यह अपने आप में एक कीर्तिमान था। तब से लेकर अब तक योग दिवस नए कीर्तिमान बना रहा है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, योग के विस्तार ने रोजगार भी पैदा किया है। उन्होंने कहा, मैं सभी से आग्रह करता हूं कि योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीनगर को ‘योग’ और ‘साधना’ की धरती बताते हुए कहा कि श्रीनगर में हम योग से मिलने वाली ‘शक्ति’ को महसूस कर सकते हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने फ्रांस की 101 वर्षीय महिला योग शिक्षिका चार्लोट चोपिन को भी याद किया, जिन्हें इस वर्ष पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने आगे कहा, भारत में 101 वर्षीय महिला योग शिक्षिका को इस वर्ष पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वे कभी भारत नहीं आईं, लेकिन उन्होंने अपना पूरा जीवन योग के प्रति जागरूकता पैदा करने में समर्पित कर दिया। आज योग पर प्रतिष्ठित शोध हो रहे हैं।

