Cheapest Dry Fruits Market: इस बाजार में 40 रुपए किलो मिलता है काजू-बादाम, लगती हैं सस्ते ड्राई फ्रूट्स की दुकानें

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Cheapest Dry Fruits Market: देश में कहीं भी चले जाइए। बाजार में काजू का भाव 900 रुपए से 1200 रुपए किलो तक होता है। लेकिन देश में एक ऐसी जगह भी है जहां पर काजू और बादाम का भाव 40 रुपए प्रति किलो तक है। देश के इस बाजार में सबसे सस्ता काजू और बादाम खरीदा जा सकता है। काजू और बादाम सेहत के लिए गुणकारी होता है। विशेषज्ञ ड्राई फूट्स खाने की सलाह भी देते हैं। काजू और बादाम कमजोरी से छुटकारा दिलाने के साथ आंख की रोशनी, तेज दिमाग, याददाश्त बढ़ाने सहित कई समस्याओं में लाभप्रद होता है।

बाजार में काजू और बादाम की कीमतें महंगी होने के कारण लोग इसे खरीदने में सक्षम नहीं होते हैं। बाजार में काजू-बादाम का भाव 800 से 1200 रुपए प्रति किलोग्राम तक होता है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए इतने महंगे ड्राई फूट्स खरीदना काफी मुश्किल होता है। हालांकि भारत में एक ऐसी जगह है। जहां ड्राई फूट्स आलू-प्याज की कीमत में बिकता है। 1000 रुपए प्रति किलो बिकने वाला बादाम इस बाजार से मात्र 40 रुपए किलो में खरीद सकते हैं।

सबसे सस्ती ड्राई फूट्स मार्केट

सस्ता ड्राई फूट्स भारत के झारखंड में बिकता है। झारखंड के जामताड़ा जिले को काजू नगरी के नाम से जानते हैं। झारखंड में बड़े पैमाने पर काजू की खेती की जाती है। यहां से हर साल हजारों टन काजू पैदावार होने के कारण यहां ड्राई फूट्स की कीमत भी कौड़ियों के भाव रहती है।

जामताड़ा में काजू बादाम का भाव

देश के बाजार में बढ़िया काजू का दाम 900—1200 रुपए प्रति किलोग्राम हैं लेकिन जामताड़ा में सड़क किनारे काजू-बादाम लोग बेचते हैं। ये लोग आसानी से काजू 30 रुपए प्रति किलोग्राम और बादाम 40 रुपए प्रति किलो बेचते हैं।

जामताड़ा में क्यों सस्ता काजू बादाम

जामताड़ा जिले के नाला गांव में 50 एकड़ जमीन पर काजू की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इस इलाके में काजू के बड़े-बड़े बाग हैं। इस कारण बाग में काम करने वाले लोग बहुत सस्ते दाम पर ड्रायफ्रूट्स को बेचते हैं। झारखंड के दुमका में काजू की खेती होती है। इसके अलावा संथाल परगना प्रमंडल में काजू भरपूर मात्रा में पैदा होता है। यहां की जलवायु और मिट्टी काजू की खेती के लिए अनुकूल है। हालांकि यहां के किसानों को काजू और बादाम की उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। Jamtara में कोई processing plant नहीं होने के कारण बादाम काजू की खेती में अधिक मुनाफा नहीं कमा पाते हैं।

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