हकीकत पर आधारित इन हिंदी वेब सीरीज ने दर्शकों का मन लिया मोह

एंटरटेनमेंटहकीकत पर आधारित इन हिंदी वेब सीरीज ने दर्शकों का मन लिया...

Date:

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कई वेब सीरीज और फिल्में रिलीज होती हैं। कई वेब सीरीज ऐसी होती हैं जिन्हें बनाने में ज्यादा बजट नहीं लगता लेकिन उनकी कहानी और किरदारों की एक्टिंग बेहतरीन होती है। आज हम आपके लिए कुछ ऐसी वेब सीरीज की लिस्ट लेकर आए है जो सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं।

मुंबई डायरीज़

26 नवंबर 2011 को मुंबई में आतंकी हमला हुआ था जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे. ‘मुंबई डायरीज़’ वेब सीरीज़ मुंबई शहर में हुई उसी घटना पर आधारित है। इस वेब सीरीज में किरदारों ने जिस तरह से अभिनय किया है वह काबिले तारीफ है। मुंबई डायरीज़ में दिखाया गया है कि कैसे आतंकवादियों ने मुंबई ताज पर हमला किया और लोगों ने मानवता को गोलियों से छलनी होते देखा। इस वेब सीरीज में निर्देशक ने हास्य भरने की गलती नहीं की है और पूरी कहानी को सही ढंग से दिखाया है। इस वेब सीरीज को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।

दिल्ली क्राइम

दिल्ली क्राइम वेब सीरीज रेप की घटना पर आधारित है ये वेब सीरीज साल 2012 में आई थी . इस वेब सीरीज में जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने गैंग रेप के छह आरोपियों को पकड़ा और कैसे उन दरिंदों ने गैंग रेप की घटना को अंजाम दिया, उसे दिखाया गया है. इस वेब सीरीज में रसिका दुग्गल, शेफाली शाह, राजेश तैलंग आदि कई अभिनेता और अभिनेत्रियां हैं। इस वेब सीरीज को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। दिल्ली क्राइम वेब सीरीज़ के दो सीज़न हैं और दोनों सीज़न की कहानी एक-दूसरे से अलग है।

घोटाला 1992

साल 1990 से 1992 तक का समय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़े बदलावों का समय था और इसी दौरान हर्षद मेहता ने करीब 4,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया था. घोटाले के मुख्य आरोपी हर्षद मेहता की 2002 में मृत्यु हो गई, लेकिन इस स्टॉक मार्केट घोटाले पर वेब सीरीज ‘स्कैम 1992’ को अब बनाया गया और रिलीज किया गया। इस वेब सीरीज में दिखाया गया हैं कि कैसे हर्षद मेहता ने इस घोटाले को अंजाम दिया था। अगर आप भी इस वेब सीरीज को देखना चाहते है तो सोनी लिव पर देख सकते हैं।

जामताड़ा

नेटफ्लिक्स की मशहूर वेब सीरीज में झारखंड के जामताड़ा जिले में लोगो के साथ ठगी करने वाले रैकेट को दिखाया है. वेब सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे कॉल करने वालों को तरह-तरह की बातों में फंसाया जाता है और किसी तरह उनका बैंक अकाउंट नंबर, डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर और फिर मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नंबर हासिल कर उनका बैंक बैलेंस लूटा जाता है ।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को जून में लगेगा करंट, 10% तक बढ़ेगा बिल का भार

मार्च की महंगी बिजली खरीद की कीमत अब चुकाएंगे...

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

जाने माने शायर बशीर बद्र का शुक्रवार को 91...

स्वाद के साथ सेहत भी देते हैं गर्मी में कूल कूल शेक

न्यूज डेस्क : गर्म मौसम में फ्रूट शेक का...