बिना मां से मिले ही चला गया मोहम्मद

उत्तर प्रदेशबिना मां से मिले ही चला गया मोहम्मद

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Zeba Hasan

तीन बहनों के साथ दिन भर मां की आखों के सामने खेलने वाला 7 साल का मोहम्मद घर से बाहर खेलने निकला तो वापस उसकी लाश आई। लाश भी ऐसी जिसे पिता देख भी नहीं पा रहा था और मां ने तो उसे आठ दिन पहले देखा था। बुधवार को लखनऊ के मुफ्तीगंज ऐरिया में ऐसी दर्दनाक घटना हुई जिसे जो भी सुन रहा है वह दुखजदा है। मुसाहिबगंज निवासी प्लंबर शबाब रजा का बेटा मोहम्मद और बेटी जन्नत फातिमा घर के सामने ही स्कूल में खेलने गए थे। इसी दौरान आवारा कुत्तों ने उन पर हमला कर नोचना शुरू कर दिया। बहन को बचाने के लिए मोहम्मद उसे घसीटने लगा, कुत्तों ने जन्नत को छोड़ दिया लेकिन मोहम्मद को अपना शिकार बना लिया। इस वक्त जन्नत ट्रामा सेंटर में है और बच्चों की मां अभी ट्रेन में।

आठ दिन पहले मां गई थी मुम्बई

शबाब से बात हुई तो दुख उनपर तारी था। एक बेटे को मिट्टी में दफ्न कर चुके थे और दूसरी बेटी जिंदगी और मौत से लड़ रही थी। ऐसे में शबाब रोकर बताते हैं कि मेरा बेटा मेरे बिना रह नहीं पाता था। यही वजह थी कि आठ दिन पहले बच्चों की मां मुम्बई गई थीं लेकिन बच्चे मेरे ही साथ थे। तीन बेटियां और एक बेटा था और बेटे को सभी बहुत प्यार करते थे। आठ दिन पहले मां बहुत सारा प्यार करके गई थी लेकिन अब वह वापस आएगी तो उसे बेटा मिलेगा ही नहीं। इतना बड़ा सदमा है यह महारे लिए जिसे भूल पाना शायद कभी मुमकिन ना होगा।

नहीं गया बेटी को देखने

शबाब हमते हैं कि कुत्तों ने मेरे मासूम बच्चों को इस तरह से नोचा कि ना मैं अपने मरे हुए बेटे की लाश देख पा रहा था और ना अब मैं अपने बेटी को देखने के लिए असपताल गया हूं। मेरे दूसरे रिश्तेदार उसके पास हैं लेकिन मैं नहीं गया हूं। बस मेरी जन्नत अब ठीक होकर वापस आ जाए यही दुआ है। मैं तो रोज की तरह कल भी काम पर गया था लेकिन यह नहीं मालूम था कि ऐसा हो जाएगा। अब मेरे परिवार में तीन बेटियां ही बची हैं हमारा सहारा चला गया। वहीं शबाब के पड़ोस में रहने वालों का कहना है कि एक गरीब आदमी की बसी बसाई दुनिया उजड़ गई है। बेटा जो सहारा बनता वह चला गया है सरकार से उसे मदद मिलनी चाहिए। जो पैसा मिला है वह इलाज और मरने वाले बच्चे के मरने और उसकी रस्मों में ही चले जाएंगे।

जोन 6 के सभी अधिकारियों ने की मदद

गुरुवार को मेयर संयुक्ता भाटिया और जोनल 6 की अधिकारी डॉ बिन्नो रिजवी ट्रामा सेंटर बच्ची का हालचाल लेने पहुंचे थे। बिन्नो रिजवी ने बताया कि नगर निगम जोन 6 में घटित घटना जिसमें एक बच्चे की मौत औश्र दूसरी बच्ची बुरी तरह से घायल हुई है, जोन 6 के अधिकारियों ने डेढ़ लाख रुपए जमा कर पीढ़ित परिवार को भिजवाए हैं। क्योंकि नगर निगम में कुत्ते के काटने पर कोई मुआवजा निर्धारित नहीं है।

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