Delhi Tis Hazari Court Firing: दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर में आज गोलीबारी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि वकीलों के बीच बहस हुई। इसके बाद दो गुटों ने हवा में फायरिंग की। राजधानी दिल्ली के अतिसुरक्षा वाले तीस हजारी कोर्ट परिसर में गोलीबारी की घटना हुई है। गोलीबारी में किसी को गोली नहीं लगी। पुलिस का कहना है कि वकीलों के बीच बहस के बाद घटना हुई।
जानकारी के मुताबिक, दोपहर गोलीबारी की घटना की सूचना मिली। जब दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची, तो पता चला कि वकीलों की आपसी बहस के बीच दो गुटों ने कथित तौर पर air firing की। फायरिंग में किसी को नुकसान नहीं हुआ।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
इससे पहले दिल्ली की कोर्ट में फायरिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। अप्रैल महीने में साकेत कोर्ट में एक शख्स ने महिला पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इसके बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए थे। तीस हजारी कोर्ट में वकीलों के बीच हुई फायरिंग की पुलिस जानकारी जुटा रही है। फायरिंग करने वाले वकील का नाम मनीष शर्मा है। जो दिल्ली बार एसोसिएशन का vice president हैं। इससे पहले गोली चलाने के मामले को लेकर इन पर FIR दर्ज है। मनीष शर्मा दो बार Election जीत चुके हैं।
वकील का लाइसेंस निलंबित
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) ने तीस हजारी कोर्ट परिसर में फायरिंग की घटना को गंभीरता से लिया। काउंसिल ने वकील मनीष शर्मा का लाइसेंस निलंबित करते हुए उनसे जवाब मांगा है। मनीष दिल्ली बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। बीसीडी के सचिव कर्नल (सेवानिवृत्त) अरुण शर्मा की तरफ से जारी पत्र में कहा है कि घटना के वायरल वीडियो में मनीष को फायरिंग करते हुए पहचाना जा सकता है। वकील होने के नाते हिंसा का सहारा लेना वो भी कोर्ट परिसर के अंदर बेहद निंदनीय और घोर अपराध है।
पिस्टल अवैध की आशंका
तीस हजारी कोर्ट में गोलियां चलाने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गोली चलाने के बाद आरोपी मनीष शर्मा कोर्ट से फरार हो गए। उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उतरी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तीस हजारी कोर्ट में मौजूद थे। इस मामले में पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली। उत्तरी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में अवैध पिस्टल से गोली चलाने की बात सामने आई है।

