India’s foreign trade: अनिश्चितता के बीच भारत का विदेशी व्यापार 20 प्रतिशत बढ़ा

इंटरनेशनलIndia's foreign trade: अनिश्चितता के बीच भारत का विदेशी व्यापार 20 प्रतिशत...

Date:

India’s foreign trade: विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में तेजी से निवेश कर रहे हैं। इसको लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार जून 2023 को समाप्त तिमाही में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की हिस्सेदारी 626 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। यह एक साल की पहले अवधि से 20 प्रतिशत अधिक है।

घरेलू इक्विटी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की हिस्सेदारी

वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के बीच भारत का विदेशी व्यापार 20 प्रतिशत तक बढ़ा है। foreign portfolio निवेशकों को लेकर एक रिपोर्ट जारी हुई है। Report के अनुसार जून 2023 समाप्त तिमाही में घरेलू इक्विटी में foreign portfolio निवेशकों की हिस्सेदारी 626 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। जो कि एक साल के पहले अवधि से 20 % अधिक बताई जा रही है। माना जा रहा है कि Home Share market के अच्छे प्रदर्शन ने विदेशी निवेशकों (Fpi) के मजबूत प्रवाह को इसका श्रेय दिया है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय शेयर बाजार में FPI के निवेश का मूल्य जून 2022 तक 523 billion US dollars से बढ़कर जून 2023 में 626 billion US dollars हो गया है।

मॉर्निंग स्टार ने जारी की रिपोर्ट

वित्त वर्ष 2022-23 की आखिरी तिमाही मार्च 2023 खत्म हुई। इस तिमाही में FPI निवेश का 542 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 15 प्रतिशत हो गया है। domestic stock market में FPI का योगदान मार्च तिमाही के 17.27% से बढ़कर 17.33 % हो गया है। indian stock market से मार्च 2023 की quarter में 3.2 billion US dollars निकाले गए थे। वहीं, जून 2023 समाप्त quarter में विदेशी निवेशकों ने 12.5 billion US dollars का निवेश किया।

अमेरिका में ब्याज दर की संभावनाओं, वैश्विक मुद्रास्फीति पर निर्धारित

रिपोर्ट में बताया है कि यह प्रवाह काफी हद तक USA में ब्याज दर की संभावनाओं, global inflation पर निर्धारित है। इसके अलावा चीन की मंदी ने इसको प्रभावित किया है। ऐसे में अप्रैल 2023 से जून 2023 की तिमाही में foreign investors का India Share market की तरफ सकारात्मक रुख रहा। USA और US में banking crisis कम होने की आशंकाओं के साथ तिमाही की ये सकारात्मक शुरुआत थी। इसके अलावा, उम्मीदें थीं कि US Federal Reserve भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की गति को धीमा करेगा। जो India Share market में विदेशी धन के प्रवाह के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।

भारतीय शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार

पिछले तिमाही India Share market में मिलाजुला कारोबार हुआ। ऐसे में कुछ समय के लिए घरेलू अर्थव्यवस्था के लचीलेपन के कारण FPI ने निकासी की थी। भारतीय शेयर बाजार में एफपीआई अप्रैल, मई और जून में शुद्ध खरीदार रहे थे। इस महीने में FPI ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार निवेश किया। इसके अलावा जुलाई और अगस्त 2023 में भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में जमकर निवेश किया है। GTRI सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता खोने के कारण आंकड़ों में मामूली गिरावट आई है। उन्होंने कहा 2023 के लिए विश्व व्यापार रुस-यूक्रेन युद्ध, high inflation, सख्त मौद्रिक नीति और financial uncertainty सहित कारकों के कारण कमजोर है।

फेड के नतीजों का असर

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच द्वारा अमेरिका की credit rating का असर देखने को मिला है। यूएस फेडरल ने जुलाई की बैठक में बेंचमार्क उधार दर को 25 आधार अंकों तक बढ़ाया था। यह 2001 के बाद से उच्चतम स्तर है। माना जाता है कि इसके आगे ब्याज दर को और बढ़ाया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी है। इससे एफपीआई से प्रवाह अस्थिर हो सकता है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

अब युवा मंच से कहेंगे ‘मैं भी कॉकरोच हूं’,

“मैं भी कॉकरोच हूं” बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, राजनीतिक वादों, सामाजिक...

बढ़ती उम्र में इनके लिए मातृत्व सुख आसान नहीं था!

छोटे पर्दे की कई मशहूर अदाकाराएं लंबे इंतजार और...