कोलंबो। श्रीलंका के अपदस्थ राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे जल्द ही श्रीलंका लौटने वाले हैं। देश में आर्थिक संकट और इसके कारण पैदा हुए संकट व अशांति के बाद राजपक्षे ने देश छोड़ दिया था। अब श्रीलंका में उनके स्थान पर रानिल विक्रमसिंघे राष्ट्रपति के तौर पर देश की बागडोर संभाल रहे हैं। गोतबाया राजपक्षे श्रीलंका में जब आर्थिक व सियासी संकट व उनके खिलाफ भड़के विद्रोह के बीच जुलाई में देश छोड़कर भाग गए थे। अब जबकि हालात कुछ समान्य हुए हैं तो माना जा रहा है कि श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति कल शनिवार को थाईलैंड से स्वदेश लौट सकते हैं। गोतबाया राजपक्षे के करीबी रूस में श्रीलंका के पूर्व राजदूत उदयंगा वीरातुंगा ने यह जानकारी दी है। उन्होंने संकेत दिया कि राजपक्षे शनिवार को वापस थाईलैंड से श्रीलंका लौट सकते हैं। इससे पहले उन्होंने संकेत दिया था कि गोतबाया 24 अगस्त को स्वदेश लौट सकते हैं।लेकिन सुरक्षा कारणों से उनके 24 अगस्त को स्वदेश लौटने का का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया था।
गोतबाया राजपक्षे पिछले महीने मालदीव भाग गए थे। उसके बाद वहां से वो परिवार सहित सिंगापुर भाग गए थे। उन्होंने मेडिकल वीजा पर सिंगापुर में प्रवेश किया और वहां रहने के लिए वीजा को दो बार बढ़वाया था। इसके बाद राजपक्षे और उनकी पत्नी थाईलैंड के चले गए थे। थाई सरकार के आश्वासन पर वे वहां 90 दिनों तक रह सकते हैं। हालांकि, राजपक्षे को थाईलैंड में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं है। पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे अपनी पत्नी लोमा राजपक्षे के साथ बैंकॉक के होटल में ठहरे हैं। सुरक्षा कारणों के चलते होटल का नाम नहीं उजागर किया गया हे। राजपक्षे के नेतृत्व वाली एसएलपीपी द्वारा उनसे अनुरोध किए जाने के बाद राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने पूर्व राष्ट्रपति के वापसी की व्यवस्था की है। 19 अगस्त को एसएलपीपी के महासचिव सागर करियावासम ने बताया कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे के साथ बैठक में ये अनुरोध किया गया था।

