कर्नाटक के धारवाड़ में लोकायुक्त अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक, तहसीलदार पर जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव के बदले कुल 1 करोड़ रुपये और एक एकड़ जमीन मांगने का आरोप है।
इस कार्रवाई को कर्नाटक में हाल के वर्षों के बड़े रिश्वत मामलों में से एक बताया जा रहा है।
33 एकड़ जमीन के दस्तावेज बदलने के लिए मांगी रिश्वत
लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार, मामला धारवाड़ से करीब 12 किलोमीटर दूर और पुणे-बेंगलुरु हाईवे से सटे येरिकोप्पा गांव की 33 एकड़ जमीन से जुड़ा है।
आरोप है कि तहसीलदार सच्चिदानंद ने जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव करने के लिए 50-50 लाख रुपये की दो किश्तों में कुल एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इसके अलावा कथित तौर पर एक एकड़ जमीन की भी मांग की गई थी।
लोकायुक्त के पास पहुंचा शिकायतकर्ता
मामले में शिकायतकर्ता की पहचान उजागर नहीं की गई है।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने तहसीलदार की कथित रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त अधिकारियों से की।
इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई और शिकायतकर्ता को पहली किश्त के तौर पर 50 लाख रुपये देने के लिए कहा गया।
रात करीब 10 बजे पकड़ा गया तहसीलदार
बुधवार देर रात चलाए गए ऑपरेशन में लोकायुक्त अधिकारियों ने तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर को धारवाड़ के कर्नाटक कॉलेज के सामने कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया।
कार्रवाई रात करीब 10 बजे की बताई गई है।
लोकायुक्त की टीम ने मौके से 50 लाख रुपये की रकम जब्त कर ली।
भ्रष्टाचार का मामला दर्ज, जांच जारी
लोकायुक्त अधिकारियों ने तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित मामला दर्ज कर लिया है।
अब जांच एजेंसियां जमीन से जुड़े दस्तावेजों, कथित रिश्वत की मांग और पूरे मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही हैं।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि जमीन के दस्तावेजों में बदलाव की प्रक्रिया में किसी अन्य अधिकारी या व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
राजस्थान में भी सामने आया था बड़ा रिश्वत मामला
इससे पहले राजस्थान के भरतपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की थी।
आरोपी इंजीनियर को भुसावर पंचायत समिति में कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद उसके घर पर की गई तलाशी में 43.38 लाख रुपये नकद और करीब 20 किलोग्राम चांदी की ईंटें बरामद की गई थीं।
ACB के मुताबिक, शिकायतकर्ता ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि बिल पास करने के बदले असिस्टेंट इंजीनियर रिश्वत की मांग कर रहा था।

