ई-फीड ने यूपी में भारत का अपनी तरह का पहला एनिमल एडवाइजरी सेंटर खोला

प्रेस रिलीज़ई-फीड ने यूपी में भारत का अपनी तरह का पहला एनिमल एडवाइजरी...

Date:


ई-फीड ने यूपी में भारत का अपनी तरह का पहला एनिमल एडवाइजरी सेंटर खोला

यह स्‍टोर अयोध्‍या के पास अकबरपुर में स्थित है और इसका लक्ष्‍य पशुओं के भोजन और पशुओं को भोजन कराने की पद्धतियों से जुड़ी कई सेवाओं के साथ पशुओं के पोषण पर सलाह देने के लिये एक संपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करना है |

लखनऊ, 13 दिसंबर: कई दशकों से एनिमल फीड (पशुओं का भोजन) उन सबसे महत्‍वपूर्ण घटकों में से एक रहा है, जिन्‍होंने वैश्विक खाद्य उद्योग में मौलिक भूमिका निभाई है। उन्‍होंने मनुष्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य, पर्यावरण, अर्थव्‍यवस्‍था और किसानों के विकास को सीधे प्रभावित किया है।

ई-फीड एनिमल फीड के लिये एक अनोखा स्‍टार्ट-अप है, जिसकी शुरूआत दिसंबर 2020 में पशुओं के लिये पोषक आहार के महत्‍व की ओर ध्‍यान आकर्षित करने के उद्देश्‍य से हुई थी। अब, केवल एक वर्ष में ही कंपनी ने मजबूती से वृद्धि की है और उत्‍तरप्रदेश में अयोध्‍या के पास अकबरपुर में अपना पहला फिजिकल स्‍टोर खोला है।

यह स्‍टोर भारत में अपनी तरह का पहला एनिमल एडवाइजरी सेंटर है, जिसका लक्ष्‍य एनिमल फीड्स और फीडिंग प्रैक्टिसेस से जुड़ी सेवाओं की एक व्‍यापक श्रृंखला की पेशकश करना है और मनुष्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। ई-फीड कैटल सपोर्ट सेंटर इस स्‍टोर का मुख्‍य आकर्षण है, जो किसानों के लिये एक ऐसी जगह बनाने के लिये स्‍थापित किया गया है, जहाँ उन्‍हें अपने पशुओं के लिये सर्वश्रेष्‍ठ पद्धतियों पर सलाह मिल सके।

इस स्‍टोर पर उपलब्‍ध अन्‍य सेवाओं में सभी आयु और प्रजातियों के लिये एनिमल न्‍यूट्रीशन एडवाइजरी, ई-फीड द्वारा विशेष रूप से बनाये गये फीड सप्‍लीमेंट्स, पशुओं के लिये दवाएं, उच्‍च गुणवत्‍ता की फीड और कच्‍ची सामग्री और राशन बैलेंसिंग सॉफ्टवेयर का इस्‍तेमाल कर पशुओं के लिये पौष्टिक भोजन बनाने में सहायता शामिल हैं।

अभी घरेलू और लाइवस्‍टॉक एनिमल सेक्‍टर में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की मांग तेजी से बढ़ रही है, इसलिये ई-फीड स्‍टोर किसानों को शिक्षित करने और उन्‍हें पशुओं को भोजन कराने के सही तरीके समझने में मदद देने पर केन्द्रित होगा। यह स्‍टोर पशुओं के बीमा से जुड़ी सेवाएं भी प्रदान करेगा।

नये स्‍टोर के बारे में ई-फीड के फाउंडर कुमार रंजन ने कहा, “पशुओं को पर्याप्‍त, पौष्टिक, विषैले तत्‍वों और प्रदूषकों से मुक्‍त आहार देना उनकी उत्‍पादकता बढ़ाने और भलाई के लिये जरूरी है। लेकिन ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण यह है कि भोजन में बदलाव से लाइवस्‍टॉक, पोल्‍ट्री और एक्‍वाकल्‍चर समेत सभी प्रकारों के घरेलू पशुओं का विकास प्रभावित हो सकता है, जिससे आखिरकार किसान कम खर्च में सशक्‍त होंगे। इसी को ध्‍यान में रखकर हमने अपना पहला फिजिकल स्‍टोर खोला है, इस पक्‍के यकीन के साथ कि पशुओं के लिये सही पौष्टिक-तत्‍व कई बातों को आधार दे सकते हैं, जैसे किसानों के लिये बेहतर इनपुट्स, पारिस्थितिक संतुलन को बनाये रखना और खाद्य श्रृंखला की शुद्धता। यह स्‍टोर पशुओं के पोषण की सलाह के लिये एक संपूर्ण दृष्टिकोण की पेशकश करेगा।”

भारत ने विश्‍व के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ रहे कम्‍पाउंड फीड मार्केट्स में से एक के रूप में अपनी जगह बनाई है। फीड इंडस्‍ट्री 8% के सीएजीआर से बढ़ रही है, जिसमें पोल्‍ट्री, कैटल, एक्‍वा और स्‍वाइन फीड सेक्‍टर्स की प्रमुख भूमिका है। अपनी शुरूआत से ही ई-फीड ने इस वृद्धि को उल्‍लेखनीय ढंग से सहयोग दिया है, क्‍योंकि वह भारत की एकमात्र कंपनी है, जो पशुओं के आहार सम्‍बंधी मामलों पर काम करती है और किसानों को पशुओं के पोषण पर सही जानकारी और सूचना देकर सशक्‍त बनाती है और कमियों को दूर करने की कोशिश करती है।

ई-फीड ने 1.2 लाख से ज्‍यादा किसानों के साथ मिलकर काम किया है और उन्‍हें पशुओं को भोजन कराने की सही तकनीकों और सटीक पद्धतियों से सक्षम बनाया है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related