ग्रीन एलआईबी टोकन को भारतकीपहलीगीगाफैक्ट्रीबनानेकेलिए अग्रणीईवी और बैटरी टेक्नोलॉजी सेक्टर के निवेश से समर्थन मिलेगा
भारत, दिसंबर 2021 –
अनुभवी व्यावसायिक पेशेवरों के एक समूह ने साथ मिलकर लिबकॉइन (एलआईबी) को लॉन्च किया है। लिबकॉइन “गवर्नेंस और रिवार्ड” क्रिप्टो टोकन है। लिबकॉइन पहल डिजिटल अर्थव्यवस्था से उत्पन्न वित्तीय इंजीनियरिंग को ‘’हरित’’ तकनीक के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास से जोड़ती है। ग्रीन एलआईबी टोकन को इथेरियम ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से एक्सेस किया जाएगा, जिसके 2022 में इथेरियम 2.0 में परिवर्तित होने की उम्मीद है। प्रारंभिक एक्सचेंज ऑफरिंग (आईईओ) में दर्जनों क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज और लॉन्च पैड के माध्यम से निवेशकों के लिए कुल टोकन आपूर्ति का 15% हिस्सा उपलब्ध होगा। इसके साथ ही समय के साथ इथेरियम पर एक प्रारंभिक डेक्स पेशकश (आईडीओ) को जोड़ने की भी योजना निर्धारित है।
एलआईबी टोकन में निवेश से भारत की पहली लिथियम-आयन निर्माण गीगा फैक्ट्री की स्थापना में मदद मिलेगी। भारत ने 2030 तक अपनी सड़कों पर इलेक्ट्रिक मोटर वाहनों की संख्या को अधिकतम करने का आक्रामक लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए एलआईबी-वित्त पोषित गीगा फैक्ट्री और ऑस्ट्रेलिया स्थित अवास ग्रुप द्वारा निर्मित ईवी प्लांट की योजना पर काम चल रहा है। अवास, दुग्गल फैमिली ट्रस्ट की एक सहायक कंपनी है, जो कई उद्योग क्षेत्रों में व्यापक रूप से सक्रिय अंतरराष्ट्रीय व्यापार समूह है, और स्वच्छ और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स एवं पहलों को आगे बढ़ाने में विशेष रूचि रखती है। अवास टूरिंग बस ने एक बार चार्ज करने पर 1,000 किमी से अधिक की यात्रा करने वाली इलेक्ट्रिक बस के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, और अवास वर्ल्ड मैन्युफैक्चरर आईडी (डब्लूएमआई) प्राप्त करने और डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एंड रीजनल सर्विसेज (डीओटीएआरएस) विभाग के साथ पंजीकृत होने वाला पहला ऑस्ट्रेलियाई इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता भी है।
सिंगापुर में पंजीकृत लिबकॉइन पीटीई लिमिटेड, जहां डीएफटी की अधिकांश गतिविधियां केंद्रित है, ने भारत को अपने लॉन्च बिंदु के रूप में चुना है क्योंकि वाहनों की बिक्री के मामले में भारत का पांचवा स्थान है और यह ईवी सेक्टर के ग्रोथ के लिए परिपक्व बाजार के रूप में स्थापित है। भारत के अलावा, लिबकॉइन लॉन्च में इंडोनेशिया भी शामिल होगा, जहां की सरकार ने डीएफटी के विचारों और लिबकॉइन की योजना के लिए समान उत्साह का प्रदर्शन किया है।
एलआईबी टोकन की एक छोटी आपूर्ति रणनीतिक निवेशकों को छूट पर बेची जाएगी, जो लंबी अवधि के निवेशकों के निहित कार्यक्रम के विपरीत आनुपातिक है। शुद्ध लाभ का पच्चीस प्रतिशत वार्षिक टोकन “बर्न” में बदल जाएगा, जिसकी निगरानी एक शीर्ष स्तरीय ऑडिटिंग कंपनी द्वारा की जाएगी। लिबकॉइन के विकास में शुरुआती निवेशकों की प्रत्यक्ष हिस्सेदारी होगी।
लिबकॉइन के एक्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट जॉर्ज एच. ग्रेगोर ने लॉन्च पर अपनी बात रखते हुए कहा, “लिबकॉइन सही समय और सही जगह पर लॉन्च हुआ है। भारत ही इसकी जगह है, और प्रबंधकों, ऑपरेटरों और वित्तीय इंजीनियरों की हमारी प्रतिभा-एकीकृत टीम उसी तरह एकजुट है, जैसे देशों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए स्वच्छ और रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। हम मानते हैं कि लिबकॉइन पहली क्रिप्टो संपत्ति है जो अपने धारकों को वित्तीय अवसर और संपन्न बैटरी तकनीक उद्योग में निवेश का अवसर प्रदान करती है। एडवांस स्टोरेज बैटरीज, सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग स्टेशन। हां, यह समय इनका ही है…. और यहां लिबकॉइन के माध्यम से हम गवर्नेंस पेबैक टोकन मॉडल के वित्तीय साधनों के साथ ईवी उत्कृष्टता की ‘जुड़वां तकनीक’ को एकजुट कर रहे हैं। नागरिकों और निवेशकों के रूप में लोगों के लाभ के लिए अक्षय ऊर्जा क्षेत्र ऑल इन वन होगा।”

