बलिया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बलिया के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह बलिया पहुंचकर बलिदान दिवस पर क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बलिया को तीन साल पहले मेडिकल कॉलेज मिल जाना चाहिए था। मैं आज मुख्य सचिव को साथ लेकर आया हूं। वो यहीं पर पढ़े हैं। शाम तक यहां रहेंगे और क्रांंतिकारियों की स्मृति में मेडिकल कॉलेज की सौगात देकर जाएंगे। सीएम योगी ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से कहा कि यहां एयरपोर्ट जैसा रोडवेज स्टेशन बनाइए और कुछ इलेक्ट्रिक बसें चलवाएं। शिक्षकों से अपील की, यहां कीक्रांति को पुस्तक का रूप दें। हम उसे प्रकाशित कराएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बलिया के क्रांतिकारियों के बलिदान ने इसको नई पहचान दी है। बलिया पौराणिक स्थल का प्रतीक रहा है। यहां एक तरफ मां गंगा तो दूसरी तरफ मां सरयू का संगम है। अंग्रेजों ने भारतीयों पर क्रूरता की उन्हें बैरकपुर की छावनी में मारकर जलाने का काम बलिया के लाल मंगल पांडेय ने कर दिखाया था। गांधी जी ने भारत छोड़ो आंदोलन का एलान किया तो चित्तू पांडेय के नेतृत्व में यहां तूफान आगे बढ़ा। आजादी के अमृत महोत्सव जैसे कार्यक्रम प्रेरणा प्रदान करते हैं। 1942 में बलिया ने अपने आपको स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया था। 50 हजार लोगों ने जेल पर धावा बोलकर चित्तू पांडेय को आजाद करा लिया था। मुख्यमंत्री योगी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाई। कोरोना काल में प्रधानमंत्री के अच्छे मैनेजमेंट की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि भारत आने वाले दिनों में विश्व में नेतृत्वकर्ता के रूप उभरेगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-से लिंक कर ढाई घंटे में लखनऊ पहुंचाएंगे। इस दौरान उन्होंने बलिया और और भी कई सौगातें दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलिया में पांच घंटे रूकेंगे। इस दौरान योगी सरकार के कई मंत्री भी बलिया में सीएम के साथ हैं।

