देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक मामले में गत 22 जुलाई को मुकदमा दर्ज होने के बाद एसटीएफ ने परीक्षा में पेपर लीक की जांच शुरू की थी। तीन दिन बाद एसटीएफ ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब पेपर लीक मामले में बीस गिरफ्तारियां हो चुकी है। आज शुक्रवार को एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में एक जूनियर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि ये जूनियर इंजीनियर अभ्यार्थियों को पेपर साल्व कराता था। उत्तराखंड परीक्षा पेपर लीक मामले में उत्तराखंड नकल माफिया के तार पश्चिमी उप्र के नकल माफियाओं से जुड़ते जा रहे हैं। एसटीएफ उत्तराखंड द्वारा लंबी गहन पूछताछ के बाद धामपुर निवासी जूनियर इंजीनियर ललित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आज उसे न्यायलय में पेश किया जाएगा।
ललित शर्मा के धामपुर स्थित फ्लैट पर दो दर्जन से अधिक छात्रों ने परीक्षा से पहली रात पेपर लीक के प्रश्नों को सॉल्व किया गया था। नकल के अड्डे पर उत्तराखंड और उप्र के लोग एकत्र हुए थे। जिसके बाद एसटीएफ ने बड़े खुलासे के लिए टीम को गैर प्रांतों में रवाना किया है। वहीं केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड एसएसएससी पेपर लीक मामले में अभी और बडे़ मगरमच्छ फंसेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता हो या नेता कोई भी गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पेपर लीक आरोपियों के भाजपा नेताओं के साथ फोटो होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे साथ कोई भी फोटो खिंचा सकता है लेकिन इस आधार पर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि काशीपुर सिडकुल में उद्योगों की स्थापना न हो पाने की बात अभी तक कोई उनके संज्ञान में नहीं लाया है। सरकार उद्योगों पर विशेष फोकस कर रही है। उनकी स्थिति में सुधार करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। सरकार ने बंद होने की कगार पर पहुंच चुके उद्योगों को तीन सौ करोड़ पुनर्जीवित करने के दिए हैं।

