हरिद्वार। कांवड़ यात्रा की तैयारी में अब हरिद्वार प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से तैयारी में जुटी है।
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए बार्डर पर ड्रोन तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा पूरे हरिद्वार और उत्तराखंड यूपी सीमा तक आसमान से ड्रोन को उड़ाकर सुरक्षा की जाएगी। इसके लिए 50 से अधिक ड्रोन की तैनाती आसमान में होगी। इसके लिए कई स्थानों पर कंट्रोल प्वाइंट बनाए जाएंगे। जिससे कि किसी स्थिति को समय से भांपकर उसके बारे में तुरंत एक्शन लिया जाए। बता दें कि ड्रोन कैमरों से निगरानी का चारधाम यात्रा में सकारात्मक असर देखा गया है।उत्तराखण्ड: कांवड़ यात्रा न कराने के फैसले पर पुनर्विचार करेंगे धामी
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इसी से उत्साहित होकर अब कांवड़ यात्रा की तैयारी और इसके निर्विध्न रूप से संपन्न करने के लिए हरिद्वार में हजारों सीसीटीवी कैमरों लगाए जाएंगे। इन सभी को कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा। इसके अलावा कांवड़ यात्रा मार्ग पर ड्रोन उड़ाए जाएंगे। ड्रोन अपने कैमरे से कांवड़ मार्ग पर हर स्थिति पर नजर रखेंगे। इसके लिए हरिद्वार शहर और कस्बों में ड्रोन को खासतौर पर तैनात किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर और कस्बों में आमतौर पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में यदि आसमान से नजर रखी जाएगी तो स्थिति को और अधिक बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों की चारधाम यात्रा में मदद ली गई है। इसका सकारात्मक असर कई स्थानों पर देखने को मिला है। इसी तरह अब इसको कांवड़ यात्रा में भी पूरी निगरानी के लिए उपयोग में लाया जाएगा। जिसके तहत आसमान से ड्रोन द्वारा पूरी कांवड़ मार्ग की निगरानी की जाएगी। इसके लिए अलग से कई जगहों पर कंट्रोल प्वाइंट बनेंगे। वहीं हरिद्वार के कांवड़ मेला क्षेत्र के हर जोन में ऐसी ही व्यवस्था की जाएगी। हरिद्वार क्षेत्र से यूपी सीमा तक ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा सकेगी।
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बीते दो साल से कांवड़ यात्रा स्थगित रही थी। उससे पहले के सालों में कांवड़ यात्रा व अन्य धार्मिक यात्राओं के दौरान स्थिति बिगड़ती रही है। बीते दिनों धार्मिक यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया था। ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन प्रमुख हथियार साबित होता है। वहीं बवाल करने वाले भी ड्रोन से बचने की कोशिश करते हैं। अधिकांश घनी आबादी के बीच से गुजरने वाले मार्गों पर ड्रोन की खास नजर रहेगी।

