लखनऊ। प्रदेश में 12 से अधिक भ्रष्ट और घूसखोर अधिकारियों के ठिकानों पर इनकम टैक्स ने आज बुधवार को छापेमार कार्रवाई की है। आयकर विभाग की टीम ने एक साथ 22 ठिकानों पर छापा मारे हैं। जानकारी के अनुसार आयकर विभाग की टीम ने एक साथ ये छापेमारी लखनऊ और कानपुर सहित 22 जगहों पर की। आयकर विभाग की टीम दिल्ली के शाहदरा स्थित आवास से डीपी सिंह के यहां आज बुधवार को पहुंची। यहां से टीम उन्हें अपने साथ लेकर लखनऊ गई है। बता दें कि डीपी सिंह कानपुर में कार्यरत हैं। आयकर टीम के निशाने पर 12 से अधिक भ्रष्ट अधिकारी हैं। इससे पहले 18 जून को आयकर विभाग ने छापेमार कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई विभागों में तैनात करीब 18 अफसर आयकर विभाग के रडार पर हैं। इनमें से उद्धयमिता प्रशिक्षण संस्थान संस्था, उद्योग विभाग, यूपी इंडस्ट्रियल कंसलटेंट लिमिटेड और उद्यम विभाग के साथ कुछ प्राइवेट इंडस्ट्रियलिस्ट के यहां भी आयकर विभाग की छापेमारी जारी है। आयकर विभाग की इस छापेमारी से भ्रष्ट और घूसखोर अफसरों में हड़कंप मचा है।
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गौरतलब है कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई ऑपरेशन बाबू साहब पार्ट-2 के तहत की गई है। विभाग ने इससे पहले 18 जून को दिल्ली से छापेमारी की शुरूआत की थी। जिसके बाद अब इसकी आंच लखनऊ और कानपुर तक पहुंची है। कहा जा रहा है कि आयकर विभाग को कुछ इनपुट मिले थे। जिसके आधार पर टेंडर से लेकर कई योजनाओं में इन विभागों के अधिकारी लिप्त रहे हैं। साक्ष्य मिलने के बाद विभाग ने छापेमारी की शुरूआत की है। कानपुर के पनकी में राजू चौहान के ठिकानों पर आयकर के छापे से हड़कंप मच गया। लगभग आधा दर्जन गाड़ियों से आए आयकर विभाग के अधिकारियों ने एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा। लखनऊ की आयकर विभाग टीम ने छापामारी की है। उपायुक्त उद्योग राजेश सिंह यादव के यहां पर छापेमारी के दौरान राजू चौहान से लिंक सामने आया था। इसी के आधार पर राजू चौहान के ठिकानों पर कार्रवाई की है। पूरे प्रदेश में 15 स्थानों पर जांच पड़ताल की जा रही है। राजू चौहान और उपायुक्त उद्योग के बीच बड़े पैमाने पर जमीन खरीद-फरोख्त में पैसे लगाने की बात उजागर हुई ह ै।

