नई दिल्ली। सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ देश को पहली स्वदेशी वैक्सनी जल्द ही मिलने वाली है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने एक सितंबर यानी कल देश का पहली स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च करने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार स्वदेशी रूप से विकसित देश की पहली क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन एक सितंबर को लॉन्च होगी। जानकारी के अनुसार केंद्रीय राज्य मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जितेंद्र सिंह एक सितंबर गुरुवार को वैक्सीन लॉन्च करेंगे। नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन के कोविड वर्किंग ग्रुप चेयरपर्सन डॉ0 एन के अरोड़ा ने बताया कि मेड इन इंडिया वैक्सीन लॉन्च करना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है। इस बात की खुशी है कि देश की बेटियां इस बहुप्रतीक्षित टीके को प्राप्त करने में अब सक्षम होंगी।
सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक वैक्सीन पहले नौ से 14 वर्ष की लड़कियों को दिए जा सकते हैं। इस वैक्सीन से जुड़ी जानकारी रखने वाले एक जानकार ने बताया कि शुरुआत में ये वैक्सीन लड़कियों को ही दी जाएगी। लेकिन बाद में इसे लड़कों को लगाया जाएगा। देश में टीका तैयार करने के कारण इसमें कीमत कोई बड़ी बाधा नहीं बनेगी।
देश में इस समय एचपीवी के दो वैक्सीन मौजूद हैं। जिनका निर्माण विदेशी कंपनियों द्वारा किया जाता है। इनमें एक टीका गार्डसिल है जिसे मर्क ने तैयार किया है। जबकि दूसरी सर्वेरिक्स है। जिसे ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन कंपनी ने तैयार किया है। बाजार में एचपीवी वैक्सीन की कीमत लगभग दो हजार रुपये से तीन हजार रुपये प्रति खुराक है। उम्मीद है कि सीरम के इस क्षेत्र में उतरने के बाद वैक्सीन की कीमतें कम होंगी। सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में इस वैक्सीन को शामिल करना महिलाओं में सर्विकल कैंसर की समस्या को कम करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

