कांग्रेस नेता अजय माकन ने आज एक प्रेस वार्ता करके मीडिया को जानकारी दी है कि आयकर विभाग ने कांग्रेस पार्टी के सभी खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, आयकर विभाग ने कांग्रेस पार्टी से 210 करोड़ की डिमांड की है। माकन ने कहा कि इस कार्रवाई का मतलब है कि लोकतंत्र के सारे दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। एक-दो हफ्ते में चुनाव की घोषणा होनी है ऐसे में इस तरह की कार्रवाई को तानाशाही ही कहा जा सकता है. बता दें कि कल ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया जाय जिसका सबसे ज़्यादा असर सत्तारूढ़ भाजपा की मोदी सरकार पर पहुंचेगा क्योंकि चुनावी बॉन्डों के ज़रिये 95 प्रतिशत चंदा भारतीय जनता पार्टी को ही जाता है.
कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि उन्हें दो दिन पहले पता चला कि कांग्रेस पार्टी जो चेक इश्यू कर रही है, बैंक उसे क्लीयरेंस नहीं दे रहे हैं। पूछताछ करने पर बताया कि पार्टी के सारे खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। माकन ने कहा कि देश में एक ही पार्टी की मनमर्ज़ी चल रही है, देश की सबसे पुरानी पार्टी और प्रमुख विपक्षी दल को अधीन बना दिया गया है. माकन ने कहा कि इनकम टैक्स अपील ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की है जहाँ सुनवाई जारी है, हमने सुनवाई से पहले इसके बारे में बताना सही नहीं समझा था.
अजय माकन ने आगे कहा कि 2018 के इनकम टैक्स रिटर्न को आधार बनाकर सरकार करोड़ों रुपए मांग रही है। लोकसभा चुनाव से पहले हमारे अकाउंट फ्रिज करना लोकतंत्र की हत्या है। माकन ने कहा कि सारा चुनावी चंदा देश की एक ही पार्टी को जा रहा है क्योंकि सरकार ने व्यवस्था ही ऐसी बना दी है, कांग्रेस पार्टी मेंबरशिप ड्राइव के जरिए पैसा इकट्ठा करती है और उसे भी सरकार ने फ्रीज़ कर दिया है, ये तो सरासर तानाशाही है. अजय माकन ने माना कि पार्टी को रिटर्न फाइल करने में देर हो गई थी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि खाता ही फ्रीज कर दिया जाए। माकन ने कहा कि इस समय पार्टी के पास बिजली का बिल भरने और सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं। वो न तो बैंक में पैसे जमा कर पा रहे हैं और न ही बैंक से पैसा निकाल पा रहे हैं।

