रामपुर सेशन कोर्ट ने बढ़ाई सजा, 5 लाख का जुर्माना भी लगाया
अब्दुल्लाह आजम की 7 साल की सजा बरकरार, जुर्माना बढ़ाकर 3.5 लाख
रामपुर। रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने फर्जी पैन कार्ड मामले में सपा नेता आजम खान को बड़ा झटका देते हुए उनकी सजा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। अदालत ने उनके ऊपर लगाया गया जुर्माना भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया। वहीं बेटे अब्दुल्लाह आजम खान की 7 साल की सजा को बरकरार रखते हुए उन पर 3.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सेशन कोर्ट ने यह फैसला अभियोजन पक्ष की उस अपील पर सुनाया, जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दी गई सजा को कम बताते हुए उसे बढ़ाने की मांग की गई थी। इससे पहले दोनों पिता-पुत्र को 7-7 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। सरकारी वकील सीमा सिंह राणा के मुताबिक अदालत ने विभिन्न धाराओं में सजा और आर्थिक दंड दोनों में बढ़ोतरी की है। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 420 में सजा 3 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दी, जबकि धारा 467 के तहत 7 साल की सजा को बढ़ाकर 10 साल के कठोर कारावास में बदल दिया गया। इसके अलावा धारा 468 में सजा 3 से 7 साल, धारा 471 में 2 से 3 साल और धारा 120बी में 1 से 3 साल कर दी गई।
मामला दो अलग-अलग फर्जी पैन कार्ड तैयार कराने और उनके इस्तेमाल से जुड़ा है। अदालत पहले ही दोनों नेताओं को दोषी ठहरा चुकी थी। इसके बाद आजम खान और अब्दुल्लाह आजम ने फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन अप्रैल 2026 में सेशन कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी थी।
इसके बाद राज्य सरकार ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए दोबारा अदालत का रुख किया। अब आए इस फैसले को रामपुर की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है, जिसने आजम परिवार की कानूनी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

