सेना में ‘अग्निपथ‘ योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया के एलान के बाद विरोध की धधकी आग आज यूपी के 17 शहरों में फ़ैल गयी. कल जहाँ मुज़फ्फरनगर, वाराणसी और अलीगढ में विरोध प्रदर्शन हुए थे वहीँ आज प्रदेश में उसका दायरा भी बढ़ा और हिंसा व अराजकता भी हुई. आंदोलनकारी छात्रों और युवाओं ने वाराणसी, फिरोजाबाद, अमेठी, बलिया, मथुरा, आगरा, गोरखपुर, उन्नाव समेत 17 ज़िलों में ज़ोरदार विरोध किया। बता दें कि पूरे देश में हुई आज की हिंसक घटनाओं में दो युवाओं की मौत हो गयी है.
बलिया, फिरोजाबाद और वाराणसी में जहाँ आंदोलनकारियों खड़ी ट्रेनों के डिब्बों को आग के हवाले किया वहीँ कई अन्य शहरों के रेलवे स्टेशनों पर काफी तोड़फोड़ की. नोएडा के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर भी भारी विरोध प्रदर्शन हुआ और बसों पर पथराव किया गया जिसमें चार बसों को भारी क्षति हुई। बलिया-वाराणसी मेमू और बलिया-शाहगंज ट्रेनों में भी आंदोलित छात्रों ने तोड़फोड़ की. वहीँ उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि ख़ुफ़िया सूत्रों द्वारा पता चला है इस तोड़फोड़ के पीछे कुछ संगठन यहीं और वो इन नौजवानों को भड़का रहे हैं.
बता दें कि अग्निपथ के विरोध में आज भड़की हिंसा में पूरे देश में 2 लोगों की मौत हो गयी है, एक दर्जन से ज़्यादा ट्रेनों में आज आग लगाईं गयी, दर्जनों बसों को तोडा गया है. इस हिंसा में अबतक 172 लोग गिरफ्तार हुए हैं, हिंसा की यह आग अबतक 13 राज्यों में फ़ैल चुकी है. अग्निपथ योजना का सबसे ज़्यादा विरोध बिहार में देखा जा रहा है जहाँ से यह उग्र आंदोलन शुरू हुआ है, वहां के हालात अब बेकाबू हो रहे हैं, 12 ज़िलों इंटरनेट बंद कर दिया गया है.

