केंद्र सरकार द्वारा सेना में भर्ती के लिए लाई गयी शार्ट टर्म योजना “अग्निपथ” के विरोध में बिहार में जहाँ दो दिनों से बवाल जारी है वहीँ राजनीतिक दलों द्वारा भी इस योजना को लेकर सरकार को घेरा जा रहा है, बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने आज इस योजना और बिहार में इसको लेकर हो रही हिंसक घटनाओं पर ट्वीट की एक श्रंखला पोस्ट की जिसमें उन्होंने फौरी तौर पर सरकार से इस योजना पर पुनर्विचार की मांग की है।
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मायावती ने अपने पहले ट्वीट में कहा कि काफी लम्बे समय तक सेना में भर्तियों को लम्बित रखने के बाद अब केन्द्र ने सेना में 4 वर्ष अल्पावधि वाली ’अग्निपथ’ नई भर्ती योजना घोषित की है, मायावती नेकहा कि मोदी सरकार इस योजना को लुभावना और लाभकारी बता रही है इसके बावजूद देश का युवा वर्ग असंतुष्ट एवं आक्रोशित है और सेना भर्ती की नई व्यवस्था का खुलकर विरोध कर रहे हैं।
वहीँ दुसरे ट्वीट में बसपा सुप्रीमों ने कहा कि इन आंदोलित छात्रों का मानना है कि सरकार का सेना में जवानों की भर्ती की संख्या को कम करने के साथ ही चार साल के लिए सीमित करना दरअसल सेना व सरकारी नौकरी में पेंशन लाभ आदि को समाप्त करना है . मायावती ने कहा कि यह सरकार का घोर अनुचित व्यवहार और गरीब व ग्रामीण युवाओं व उनके परिवार के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
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मायावती ने अपने तीसरे ट्वीट में सरकार को घेरा है, उन्होंने लिखा कि देश में बढ़ती गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और सरकार की गलत नीतियों व अहंकारी कार्यशैली लोग पहले ही से काफी दुःखी व त्रस्त हैं, ऐसे में सेना में नई भर्ती को लेकर युवा वर्ग में फैली बेचैनी अब निराशा उत्पन्न कर रही है। मायावती ने कहा कि बसपा की यह मांग है कि केंद्र सरकार अपने इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करे।

