मेरठ। आज से हिंदू माह आषाढ़ की शुरूआत हो गई है। इस महीने की शुरूआत से ही मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लगा जाता है। इसी के साथ आषाढ़ माह के शुरूआती दिन से आगामी चार महीने पूजा-पाठ और धर्म कर्म वाले माने जाते हैं। धार्मिक महत्व से आषाढ़ का महीना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। आषाढ़ माह में प्रतिदिन सूर्य को अर्ध्य देने के अलावा पूजा-पाठ से जीवन में सुख-समृद्धि के अलावा आरोग्य की प्राप्ति भी होती है। इसी महीने से चातुर्मास की शुरूआत भी होती है।
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धर्मशास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि चातुर्मास के दिनों में भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं। जिसके चलते इन चातुर्मास के दिनों में शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों शुभ नहीं माने जाते। इस कारण से इन महीनों में यह कार्य प्रतिबंधित कर दिए जाते हैं। आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्र के अलावा योगिनी एकादशी जैसे कई व्रत और पर्व पड़ते हैं। इस साल 2022 में आषाढ़ महीने में पड़ने वाले व्रत-त्योहारों में आगामी 17 जून को कृष्ण पिंगला संकष्टी चतुर्थी है। इसके बाद 20 को मासिक जन्माष्टमी व कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा।
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24 जून शुक्रवार को योगिनी एकादशी व्रत और 26 जून रविवार को प्रदोष व्रत है। 27 जून सोमवार को मासिक शिवरात्रि होगी। 28 जून हलहारिणी अमावस्या और 29 जून को आषाढ़ अमावस्या होगी। 30 जून गुरुवार को गुप्त नवरात्रि प्रतिपदा की शुरूआत होगी। एक जुलाई शुक्रवार केा जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू होगी। तीन जुलाई रविवार को विनायक चतुर्थी व्रत और चार जुलाई स्कंद षष्ठी पड़ रही है। आगामी छह जुलाई वैवस्वत पूजा,आठ जुलाई भड़ली नवमी, नौ जुलाई को गौरी व्रत, 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी और चातुर्मास का प्रारंभ होगा। 11 जुलाई सोम प्रदोष व्रत और 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा जैसा महान पर्व होगा। इसी दिन आषाढ़ पूर्णिमा और व्यास पूजा भी होगी।

