Gujarat chunavi dangal:- पार्षद से मुख्यमंत्री तक का सफर करने वाले रुपाणी क्यों खटके थे भाजपा की आंखों में

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Gujarat chunavi dangal:- गुजरात मे 25 साल से सत्ता काबिज किए भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 विधानसभा चुनाव के लिए जनता को लुभाना आरम्भ कर दिया है। वही अगर हम भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की करे तो इन्होंने भाजपा को गुजरात मे काफी समर्थन किया है और भाजपा के खेमे में एक मजबूत वोट बैंक डाला है। वही इनकीं जनता के बीच अच्छी धमक बनी हुई है यह अपनी रणनीति का खुलासा पहले से तो नहीं करते हैं लेकिन यह विपक्ष को अपने चक्रव्यूह में फंसाने के लिए बेहतरीन जाल बुनते हैं। 

जाने रुपाणी का राजनीतिक सफर:- 

अगर हम गुजरात मे विजय रुपाणी के करियर की बात करें तो इन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। इन्होंने जनता के बीच अपनी अच्छी धाक बनाई और यह विधायक से सांसद और सांसद से भाजपा के एक मुख्य सदस्य बने। इन्होंने भाजपा की झोली में कई बार बेहतरीन वोट डाले। रुपाणी को लेकर सियासी गलियारों में कहा जाता है कि यह एक मजे हुए खिलाड़ी हैं यह जब अपना दाव खेलते हैं तो इनके सामने विपक्ष को मुह की खानी पड़ती है। 

जाने विजय का जीवन:-

रुपाणी का जन्म वैसे तो वर्मा के रंगून में हुआ था लेकिन इन्होंने अपनी एलएलबी की शिक्षा गुजरात के राजकोट से ग्रहण की है। इनके बारे में विख्यात है कि इनका कोई राजनीतिक नेता आइडियल कभी नहीं बना यह हमेशा अपने दम पर सफल होने में विश्वास रखते थे। इन्होंने अपने जीवन मे जो भी सफलता हासिल की उसके किसी का मार्गदर्शन नहीं है। इन्होंने 1987 में राजकोट से पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1996 से 1997 के बीच यह राजकोट नगर निगम के मेयर रहे और 2006 से लेकर 2012 तक इन्होंने राज्य सभा के सदस्य के तौर पर काम किया। वही भाजपा को अपने संघर्ष से जीत की ओर ले जाने वाले रुपाणी को वर्ष 2016 में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री बनाया।

आखिर कार्यकाल से पहले रुपाणी क्यों हटे सत्ता से:- 

अगर हम विजय रुपाणी के इस्तीफे की बार करें तो इन्हें अपने कार्यकाल से पूर्व अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इनके इस्तीफे का अमुख कारण बीजेपी की पश्चिमी बंगाल में हार और गुजरात मे भाजपा के मुख्यमंत्री रुपाणी का कोरोना के संक्रमण से प्रदेश के बचाने में असफल होना रहा। इसके अलावा भाजपा गुजरात मे अपनी धाक कम नहीं करना चाहती थी जिसके चलते उसने रुपाणी को मुख्यमंत्री पद से हटाना का निर्णय लिया।

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