- पुराने तमंचे और पिस्टल पर एक्सचेंज ऑफर दे रहे अवैध हथियार बनाने वाले
- हर बिक्री-आर्डर का रखा जाता है लेखा-जोखा, दस जनपदों में हो रही सप्लाई
सुनील शर्मा
मेरठ। अवैध हथियारों के निर्माण से लेकर सप्लाई तक का काम अब प्रोफेशनल तरीके से किया जा रहा है। हर तरह के तमंचे और पिस्टल बिक्री के लिये उपलब्ध, खासियत के अनुसार हर किसी के दाम अलग, आर्डर पर माल की घर तक सप्लाई करने की सुविधा, रजिस्टर में हर बिक्री -आर्डर का लेखा-जोखा, अनेक जनपदों में सप्लाई, हथियार बनाने से पहले खास ट्रेनिंग, यानि पूरी तरह से काॅरपोरेट कल्चर आ गया है इस काले कारोबार में।
अवैध हथियारों के निर्माण से लेकर बिक्री तक में आये काॅरपोरेट कल्चर का खुलासा आज एसटीएफ द्वारा पकड़े गये अवैध हथियारों की सप्लाई करने वालों ने किया। एसटीएफ ने शमशाद पुत्र इस्तियाक और मौ0 रईस उर्फ मुल्ला को अवैध शस्त्रों सहित पकड़ा था। एसटीएफ ने दोनो अभियुक्तों की निशादेही पर डी ब्लाक शास्त्रीनगर नाले के पास बिजलीघर के पीछे झोपडी से 17 अदद तमंचे 315 बोर व एक तमंचा 12 बोर व एक तमंचा 32 बोर व तीन पिस्टल 32 बोर , दो रिवाल्वर 32 बोर,बनाने के उपकरण बरामद किये हैं।
पकड़े गये अभियुक्त शमशाद और मौ0 रईस उर्फ मुल्ला तीन से पांच हजार रूपये कीमत के तमंचे और 25 से 30 हजार तक में रिवाल्वर और पिस्टल बेचा करते थे। ग्राहकों की जरूरत और पसंद के अनुसार आर्डर पर भी हथियार तैयार किये जाते थे। असलाह फैक्ट्री में रखे रजिस्टर में हर बिक्री का लेखा-जोखा और आर्डर का विवरण लिखा जाता था। अवैध हथियारों की सप्लाई दस जनपदों में की जा रही थी।
अवैध हथियार बनाने की लेते थे खास ट्रेनिंग
अवैध हथियार बनाने में कुशलता हासिल करने के लिये बकायदा ट्रेनिंग दी जाती है। शमशाद और मौ0 रईस उर्फ मुल्ला ने बताया कि वेस्ट यूपी में मुंगेर मेड तमंचे की भारी डिमांड है। इसलिये अवैध हथियारों का निर्माण करने वाले जहीरुद्दीन और नवाब बिहार के मुंगेर से तमंचा और पिस्टल बनाने की 15 दिन ट्रेनिंग लेकर आए थे। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री में मुंगेर मेड तमंचा बनाना शुरू कर दिया जिसकी कीमत पांच से आठ हजार तक रखी गई है।
पुराने तमंचे और पिस्टल के बदले में देते थे नया असलाह
शमशाद और मौ0 रईस उर्फ मुल्ला ने बताया कि वह पुराने तमंचे और पिस्टल के बदले में नया असलाह लेने की सुविधा भी ग्राहकों को देते हैं। पुराने तमंचे और पिस्टल की मरम्मत कर उसे नया बनाकर फिर से बेच देते हैं। दो माह में पांच सौ से ज्यादा तमंचे बेचने वाले तस्करों ने बताया कि उनके पास फिलहाल दो हजार तमंचों का आर्डर था जिसे वह विभिन्न जनपदों में सप्लाई करते। आने वाले पंचायत चुनाव के लिए असलाह की भारी मांग को देखते हुए रेट भी तय कर दिया गया था।

