लाभ गिनाए कम, सफाई दी ज्यादा

मेरठ रीजनलाभ गिनाए कम, सफाई दी ज्यादा

Date:


लाभ गिनाए कम, सफाई दी ज्यादा

  • केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मेरठ में किसान सभा को संबोधित किया
  • कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर लगाये आरोप, राहुल गांधी रहे निशाने पर

सुनील शर्मा

मेरठ। किसी के हित में बनाये गये कानून को लागू करने से पहले उसे उसके लाभ समझाये जाते हैं। मगर ऐसा शायद पहली बार हो रहा है कि कानून तो लागू कर दिया मगर उसके फायदे बाद में समझाये जा रहे हैं। यह कारनामा कर दिखाया है भाजपा सरकार ने जो दिल्ली की सीमा पर धरना देकर बैठे किसानों को समझाने की बजाये दूर-दराज में जाकर किसानों को कृषि कानून के लाभ समझा रही है।

लाभ गिनाए कम, सफाई दी ज्यादा

मेरठ में आज केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने किसान सभा को संबोधित करते हुए तीन नए कृषि कानूनों को किसानों के लिये हितकारी बताया। वहीं किसानों की शंकाएं दूर करने आयीं स्मृति ईरानी राहुल गांधी सहित कांग्रेस पर निशाना साधती रहीं।

केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन नए कृषि कानूनों का किसान जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। दिल्ली की सीमा पर डटे किसान कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। विपक्षी दलों का समर्थन किसान संगठनों को एकजुट कर रहा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में दखल दे दिया है।

लाभ गिनाए कम, सफाई दी ज्यादा

अपनी मांगों पर अड़े किसानों को समझाने के प्रयास नाकाम होते देख तीन नए कृषि कानूनों से किसानों को मिलने वाले लाभों की जानकारी देने के लिये भाजपा देशभर में किसान सभा का आयोजन कर रही है। इसी क्रम में आज शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश के मेरठ पहुंचीं और किसान सम्मेलन को संबोधित किया। इस किसान सम्मेलन में शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हापुड़ के किसान पहुंचे थे।

एमएसपी पर उठ रहे सवालों का जवाब आंकड़ों से देते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में किसानों को एमएसपी पर 8 लाख करोड़ रुपए दिए जो कि यूपीए के 10 साल के शासन के 3.5 लाख करोड़ की तुलना में दोगुना से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से एमएसपी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि हम इसे और मजबूत करेंगे।

उन्होंने कहा कि किसान बिल पारित होने से दो माह में ही किसानों को 73 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, केंद्र सरकार ने छह माह तक डेढ़ लाख किसानों के साथ आनलाइन चर्चा करने के बाद ही कृषि कानून को बनाया है।

विपक्ष पर चलाए तीर, राहुल पर बोला हमला
केंद्रीय मंत्री ने किसान सभा में कहा कि विपक्षी दल किसानों के बीच में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह तक नहीं पता कि मिर्च हरी होती है या लाल, वह 40 इंच का आलू उगाते हैं और मशीन में डालते हैं, आज वे किसानी की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के दंगों में जो लोग शामिल रहे वहीं लोग अब किसानों के हित में पोस्टर लिए घूम रहे हैं।

लाभ गिनाए कम, सफाई दी ज्यादा

विपक्ष को ठहराती रहीं किसान आंदोलन का जिम्मेदार
अपने भाषण में केंद्रीय मंत्री किसानों को मिलने वाले लाभ गिनाने के बजाये कानून लागू करने को लेकर सफाई देती नजर आयीं। उनके भाषण का केंद्र बिंदू किसान आंदोलन रहा और वह विपक्ष को इस आंदोलन के लिये जिम्मेदार ठहराती नजर आयीं। मगर सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि यदि विपक्ष किसानों को भ्रमित करने में कामयाब रहा तो भाजपा किसान हित में लाये कानून पर किसानों को ही समझाने में नाकामयाब रही। और अब सरकार की देहरी पर बैठे किसानों से दूर जाकर किसानों को समझाने का कितना लाभ भाजपा को मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। लेकिन यह तय है कि भाजपा का यह देरी से उठाया गया कदम है जिसका खामियाजा वह भुगत रही है।

भाजपा ने दिग्गजों को उतारा मैदान में
किसान सभा को कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, मेरठ-हापुड़ सांसद राजेंद्र अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल और अतुल गर्ग, विधायक सोमेन्द्र तोमर आदि ने भी संबोधित किया और कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताया।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related