मेरठ। गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे मीट माफिया और पूर्व राज्यमंत्री याकूब कुरैशी अब एक कददावर भाजपा नेता की छत्रछाया में दिन गुजार रहा है। सूत्रों की माने तो ये भाजपा नेता मेरठ के नहीं दिल्ली से सटे एक नजदीक जिले के हैं। इन भाजपा नेता का दिल्ली दरबार से लेकर लखनऊ दरबार तक सीधी पहुंच है। बताया जाता है कि मेरठ के एक भाजपा नेता के माध्यम से भगोड़ा मीट माफिया इन कददावर भाजपा नेता तक पहुंचा है। बता दें कि अब पुलिस का शिकंजा याकूब कुरैशी और उसके परिवार पर ढीला पड़ गया है। जो पुलिस याकूब कुरैशी के संपत्ति की कुर्की की तैयारी कर रही थी। वह भी अब सुस्त पड़ गई है। इन सब का कारण यहीं है कि मीट माफिया याकूब कुरैशी को भाजपा नेता का संरक्षण मिला है। बता दें कि मीट माफिया और उसके दोनों बेटे गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले कानून का सहारा लेते रहे। लेकिन जब कोर्ट से बात नहीं बनी और चारों ओर से बचने के रास्ते बंद हुए तो याकूब को भाजपा की सरपरस्ती में ही कुछ राहत मिली। हालांकि अभी पुलिस की अपनी कार्रवाई जारी है।
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हाईकोर्ट से याकूब कुरैशी की एफआईआर रद्द किए जाने की याचिका खारिज होने और गिरफ्तारी से पहले अग्रिम जमानत याचिका के रदद होने के बाद याकूब कुरैशी और उसके बेटों की मुसीबतें बढ़ने लगी थी। पुलिस ने याकूब परिवार के आरोपी सदस्यों की घेराबंदी तेज कर दी थी। पुलिस ने याकूब के घर की कुर्की के लिए कार्रवाई भी शुरू की थी।
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गत 31 मार्च 2022 को हापुड रोड स्थित मीट फैक्ट्री अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड पर पुलिस ने छापा मारा था। इस छापे में पुलिस को करीब पांच करोड़ रुपये का मीट मिला था। बताया जाता है कि दो पहले सील लगने के बाद भी फैक्ट्री में अवैध रूप से मीट की पैकेजिंग हो रही थी। इस मामले में पुलिस ने मीट माफिया याकूब कुरैशी, पत्नी शमजिदा, बेटे इमरान और फिरोज सहित 14 लोगों को नामजद कर खरखौदा थाने में मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद से ही याकूब कुरैशी और उनके परिवार के लोग फरार हैं। हालांकि याकूब कुरैशी की पत्नी समजिदा बेगम को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। लेकिन याकूब और उसके दोनों बेटों को अग्रिम जमानत नहीं मिली है।

