क्या फिर बनेगा महागठबंधन?

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मोदी को हटाना है तो महागठबंधन बनाना है, कुछ इसी फॉर्मूले पर आजकल बिहार के मुख्यमंत्री और भाजपा के पूर्व सहयोगी नितीश कुमार काम कर रहे हैं, विपक्षी एकता की इस कोशिश में वो अकेले नहीं है, उनके साथ गठबंधन राजनीति के पुरोधा राजद प्रमुख अपनी खराब सेहत के बावजूद उनके कंधे से कन्धा मिलकर खड़े हुए हैं. विपक्षी एकता की अगर बात की जाय तो कांग्रेस को किनारे करके इसके बारे में सोचना भी सबसे बड़ी बेवकूफी होगी। एक ही विचारधारा के स्कूल के ये दोनों खांटी नेता इस बात को अच्छी तरह समझते है कि मोदी को हटाने के लिए जिस तरह महागठबंधन ज़रूरी है उसी तरह इस गठबंधन में कांग्रेस का भी होना ज़रूरी है और इसलिए नितीश कुमार विपक्षी एकता का झंडा लेकर जब पिछली बार दिल्ली पहुंचे थे तो राहुल गाँधी से भी मिले थे. खबर यह भी आयी थी कि राहुल नितीश के विचारों से पूरी तरह सहमत हैं. एक तरह से इसे महागठबंधन की एक शुरुआत भी माना जा सकता है. 

नितीश ने राहुल के बाद दिल्ली में ही कई पार्टियों के प्रमुखों से मुलाकात कर एकता के इस सफर को आगे जारी रखा, ज़्यादातर विपक्षी नेताओं का उन्हें समर्थन भी मिला, कुछ जगहों पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है क्योंकि वहां पर कहीं न कहीं कांग्रेस से उनका सीधा टकराव है, बहरहाल नितीश और लालू का प्रयास जारी है और इसी सम्बन्ध में कल इन दोनों नेताओं की दिल्ली में कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी से एक महत्वपूर्ण मुलाक़ात है, बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में लालू और नितीश के साथ तेजस्वी भी मौजूद रहेंगे। तेजस्वी हो सकता है लालू को संभालने के लिए जा रहे हों. क्योंकि तीन बड़े नेताओं के बीच तेजस्वी का क्या काम? 

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बातचीत का एजेंडा ज़ाहिर सी बात है कि 2024 का आम चुनाव ही रहेगा। देखना होगा की इन नेताओं के बीच जिन मुद्दों पर मतभेद हो सकता है उसपर क्या बात होगी या फिर ये कहा जायेगा कि पहले महागठबंधन बनाओ, मोदी को हटाओ, बाकी विवादित मुद्दे बाद में तय हो जायेंगे। देखिये ये बात तो बिलकुल तय है कि नितीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में जाना चाहते हैं, भले ही वो बार बार इस बात से इंकार करें कि उनकी दिलचस्पी प्रधानमंत्री बनने में बिलकुल नहीं है, वह सिर्फ मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए विपक्ष को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का बस प्रयास कर रहे हैं, नितीश की ये बात तो किसी के गले नहीं उतर रही है. आज किसी भी नेता के मुंह से इस तरह की बात को लोग राजनीतिक दांव के रूप में देखते हैं. वैसे नितीश भले ही इस तरह की बातें करें लेकिन राजद और जेडीयू उन्हें लगातार प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रही है. 

भाजपा भी अब धीरे धीरे इस बात को सच मानने लगी है कि नितीश के पीएम की दावेदारी की बातें हवा हवाई नहीं बल्कि गंभीर हैं और इसीलिए गृह मंत्री अमित शाह बिहार जाकर नितीश पर धावा बोल रहे हैं, पिछले दो दिनों की रैलियों में अमित शाह बार बार लोगों से सवाल कर रहे हैं कि क्या नितीश में प्रधानमंत्री बनने का दम है. पब्लिक की ख़ामोशी पर उन्होंने आज भी इस सवाल को बार बार दोहराया। वो नितीश कुमार की इमेज को एक धोखेबाज़ के रूप में बिहार में प्रोजेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, अमित शाह ने साफ़ तौर पर कहा है कि अब वो हर महीने बिहार का दौरा करेंगे, मतलब साफ़ है कि नितीश के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी की ख़बरों से भाजपा में बेचैनी है, उसे कहीं न कहीं लग रहा है कि नितीश और लालू की महागठबंधन की ये कोशिश भाजपा के लिए भारी न पड़ जाए. वैसे नितीश-लालू की जोड़ी बिहार में भाजपा को दो बार पटखनी दे चुकी है. जहाँ तक गठबंधन की राजनीती की बात है, बिहार इसमें अव्वल है, ऐसा भी कह सकते हैं कि गठबंधन सियासत की जननी है बिहार और इसके मास्टर हैं लालू और नितीश। अब एकबार फिर एक महागठबंधन बनाने के लिए ये दोनों फिर एक हुए हैं, एक और एक मिलकर ग्यारह भी होतें और यह दोनों इसी कोशिश में हैं कि एक और एक मिलकर ग्यारह बन जाएँ।  

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) दिल्ली पहुंच गए हैं। खराब सेहत से जूझ रहे लालू किडनी के इलाज के लिए सिंगापुर जाएंगे। लेकिन, इससे पहले दिल्ली में उनकी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के साथ मीटिंग होगी। राजद प्रमुख कल यानी रविवार (25 सितंबर 2022) की शाम कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Deputy CM Tejashwi Yadav) भी मौजूद होंगे।

ये मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के दो दिनों के बिहार दौरे के ठीक एक दिन बाद हो रही है। बताया जा रहा है मुलाकात के दौरान तीनों नेताओं के बीच देश में विपक्षी एकता को मजबूत करने पर बातचीत होगी। इस दौरान सीएम नीतीश पिछले दिनों दिल्ली में विभिन्न दलों के नेताओं के साथ हुई बातचीत के बारे में भी बताएंगे।

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दिल्ली जाने से पहले शाह पर निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया की रैली में सीएम नीतीश कुमार और लालू यादव पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने नीतीश पर जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, राजद शासनकाल को ‘जंगलराज’ बता कर लालू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा था कि साल 2025 में बिहार से लालू-नीतीश का सफाया हो जाएगा। इस पर पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू यादव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा, 2024 में देश से भाजपा का सफाया हो जाएगा। पूरे देश में विपक्ष एकजुट होगा और बीजेपी सत्ता में नहीं आ पाएगी। राजद सुप्रीमो ने कहा अमित शाह रिटायर हो चुके हैं।

सिंगापुर जाएंगे इलाज कराने

लंबे समय तक जेल में रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्हें सीबीआई कोर्ट से किडनी के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल चुकी है। वे काफी दिनों से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। सिंगापुर को इसलिए इलाज करवाने के लिए चुना गया क्योंकि वहां उनकी बेटी रोहिणी आचार्य रहती है। इसके अलावा सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट का सक्सेस रेशियों भी काफी अच्छा है। इसलिए समर्थ लोग किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सिंगापुर जाते हैं।

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