- लखनऊ में कांग्रेस की महिला मैराथन को नहीं दी इजाजत
- गाजियाबाद में सीएम योगी के रोड शो में उमडे़ लाखों लोग
Sunil Sharma
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ते जा रहे कोरोना के खतरे को देखते हुए लखनऊ में होने वाली कांग्रेस की महिला मैराथन को इजाजत नहीं दी गई। लेकिन शनिवार शाम को गाजियाबाद में सीएम योगी के रोड़ शो में लाखों की भीड़ जमा कर ली गयी। वहीं रविवार को नोएडा में पूर्व केंद्रीय मंत्री की अगुवाई में जन विश्वास यात्रा निकाली गई जिसमें 20 हजार लोग शामिल हुए। कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार का यह दोतरफा रवैया अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा दिखाई दे रहा है। या फिर सरकार का मानना यह है कि भाजपा की रैलियों-यात्राओं में कोरोना संक्रमण नहीं फैलेगा मगर कांग्रेस की महिला मैराथन में संक्रमण का खतरा बहुत अधिक होगा।

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण फिर से सिर उठा रहा है। संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश में नाइट कर्फ्यू लगाये जाने के साथ किसी भी आयोजन के लिए अनुमति लेने और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संख्या तक निर्धारित कर दी गई है। मगर जब सरकार अपनी हो तो कोरोना डर क्या? लेकिन डर प्रियंका गांधी की महिला मैराथन से जरूर है तभी तो मैराथन आयोजित करने करने की इजाजत नहीं दी गई।
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दरअसल लखनऊ में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की अगुवाई में महिला मैराथन आयोजित की जानी थी। इस मैराथन के लिए बड़ी संख्या में लड़कियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिए थे। माना जा रहा था कि 20 हजार से अधिक लड़कियां महिला मैराथन में भाग लेंगी। लेकिन लखनऊ प्रशासन ने महिला मैराथन को आयोजित करने की इजाजत नहीं दी। कारण कोविड का खतरा बताया जा रहा है।

अब बात करते हैं सरकार के दोहरे रवैये की। गाजियाबाद में शनिवार शाम को सीएम योगी ने रोड़ शो निकाला जिसमें लाखों लोगों ने शिरकत की। इस यात्रा के दौरान धारा 144 और कोविड-19 प्रोटोकोल के नियमों की धज्जियां उड़ती दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग तो बनाए रखना संभव नहीं था। एक घंटे से अधिक चले रोड़ शो के लिये 40 स्थानों पर मंच बनाये गये थे। भीड़ का आलम यह था की गाजियाबाद की सड़कोें पर डायवर्जन लगाने पड़े।
अब बात करें नोएडा जहां पुलिस-प्रशासन में धारा 144 लगा रखी है। कहीं पर भी बड़ी जनसभा का आयोजन नहीं किया जा सकता। लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा के लिए क्या कोविड-19 और क्या उसकी गाइडलाइन। तभी तो पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा की अगुवाई में रविवार को नोएडा में निकली जन विश्वास यात्रा में 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।

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अब सवाल यह उठता है कि यदि महिला मैराथन से कोरोना का खतरा है तो भाजपा के मंत्री क्या रैली-यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज देकर उन्हें संक्रमित होने से बचा रहे हैं। योगी सरकार के दो तरफा रवैये को देखते हुए साफ जाहिर होता है कि सरकार को खतरा कोरोना से नहीं बल्कि प्रियंका गांधी की अगुवाई में आयोजित होने वाली महिला मैराथन में उमड़ने वाली लड़कियों की संख्या से है। प्रियंका गांधी ने जिस प्रकार महिला मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित किया है, उनको 40 प्रतिशत टिकट देने के अलावा छात्राओं को स्कूटी-स्मार्टफोन देने की घोषणा की है उसे महिला वोटर कांग्रेस की ओर खिचीं जा रही हैं। और यह सत्तारूढ़ भाजपा के लिए कोरोना से भी बड़ी चिंता है।

कांग्रेस के नेताओं का साफ तौर पर कहना है की उत्तर प्रदेश में महिला मैराथनों को मिल रही अपार सफलता से योगी सरकार घबरा रही है। आगामी चुनाव में हार का खतरा उसके सामने मंडरा रहा है। ऐसे में वह प्रियंका गांधी के बढ़ते कदमों को रोकने का हर संभव प्रयास कर रही है।

