न्यूज़ डेस्क – उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तार किए गए जलालुद्दीन उर्फ ‘छांगुर’ को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। यूपी एटीएस ने एक हफ्ते की पूछताछ के बाद अब उसे जेल भेज दिया है। लेकिन जेल भेजने से ठीक पहले एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पुलिस को फिर सतर्क कर दिया है।
दरअसल, छांगुर के तीन खास गुर्गों ने एक गवाह पर हमला कर दिया, जब उसका मेडिकल कराया जा रहा था। गवाह का नाम हरजीत कश्यप है। हरजीत का कहना है कि छांगुर के लोगों ने उसे पीटा और जान से मारने की धमकी दी। उनका साफ कहना था – “हम तुम्हें बर्बाद कर देंगे।”
हरजीत की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उनके नाम हैं:
रियाज
कमालुद्दीन
नवाब
पुलिस जांच में पता चला है कि रियाज और कमालुद्दीन, छांगुर के बेहद करीबी हैं और साल 2022 से उसके साथ जुड़े हुए हैं। रियाज ने छांगुर के कहने पर उसके विरोधी बब्बू चौधरी के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था।
छांगुर ने पूछताछ में बताया कि वह लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की साजिश कर रहा था। इसके लिए उसने एक टीम बनाई थी, जो ऐसे लोगों की तलाश करती थी जिनको धर्म बदलवाना आसान हो। बदले में उन्हें पैसा और दूसरी मदद देने का लालच दिया जाता था।
इतना ही नहीं, छांगुर ने पुलिस को बताया कि वह “शिजार-ए-तैय्यबा” नाम की एक किताब के ज़रिए धर्मांतरण फैलाने की योजना बना रहा था। वह चाहता था कि यह किताब बिना ज्यादा ध्यान खींचे गुप्त रूप से छापी जाए ताकि ज्यादा लोगों को प्रभावित किया जा सके।
बताया जा रहा है कि इस किताब में हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक बातें और इस्लाम की तारीफ करने वाली बातें थीं। इसके अलावा, वह धर्मांतरण के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित करता था, और इसके लिए अपने घर से जुड़ी एक इमारत का इस्तेमाल करता था।
अब पुलिस छांगुर के बाकी गुर्गों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। धर्मांतरण की इस बड़ी साजिश के खुलासे ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।

