मेरठ। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर पर कम दबाव का क्षेत्र बनना शुरू हो गया है। जो कि उत्तर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की अग्रसर है। इसके बाद, यह तटीय प्रदेशों को अपनी जद में लेता हुआ उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगा। आगामी 21 मार्च तक यह एक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार यह एक समुद्री तूफान में तब्दील होगा। इसके बाद उत्तर-पूर्व में तेजी से बढ़ेगा। इसको चक्रवात को असानी नाम दिया गया है। इसका असर उत्तरी भारत के अधिकांश राज्यों में पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात निम्न दबाव तेजी से बनाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे 22 मार्च की सुबह ये और मजबूत होगा। जिसके बाद 23 मार्च से मौसम में तेजी से बदलाव आएगा। यह बदलाव तापमान (Change in temperature) पर भी असर डालेगा। मौसम विभाग के अनुसार 23 मार्च से तापमान में कुछ कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
Read also- Fire Accident: 150 टन स्क्रैप जलकर राख, पांच किमी का इलाका काले धुए के गिरफ्त में
डा0 एन सुभाष ने बताया कि कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से एक ट्रफ रेखा तमिलनाडु तक फैल गई है। जबकि एक दूसरी ट्रफ रेखा गंगीय पश्चिम बंगाल से झारखंड के अलावा ओडिसा और छत्तीसगढ़ होते हुए निचले स्तरों पर फैली है। जिससे एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना बन रही है। अंडमान निकोबार तटीय स्थानों पर समुद्र में ऊंची लहरें उठेगी। वहीं हवा की रफ्तार भी 60 किमी प्रति घंटा होगी।

