देहरादून। उत्तराखंड में भाजपा ने इतिहास रच दिया। प्रदेश की सत्ता में पहली बार ऐसा हुआ है जबकि किसी पार्टी ने दूसरी बार सत्ता में वापसी की है। इस अच्छे प्रदर्शन के साथ भाजपा खेमे में खुशी का महौल है। लेकिन इस माहौल के बीच भाजपा के सामने एक संकट भी है। प्रदेश में अच्छे प्रदर्शन के बीच भाजपा के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) चुनाव हार गए। वो अपनी खटीमा की सीट नहीं बचा सके। प्रदेश भाजपा और जनता के बीच अब सबसे बड़ा सवाल है कि नया मुख्यमंत्री कौन होगा। प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज चेहरे भी अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे।
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भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को आगे रखकर प्रदेश में चुनाव लड़ा था। वह पहले राउंड की मतगणना के बाद से ही लगातार वोटों की गिनती में पिछड़ते गए और अंत में चुनाव हार गए।
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भाजपा ने 2017 से 2022 तक इन पांच साल में उत्तराखंड को तीन मुख्यमंत्री दिए और तीसरे सीएम धामी थे। चुनाव प्रचार अभियान में पोस्टरों पर प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) के साथ धामी को जगह दी गई। मोदी समेत भाजपा के तमाम दिग्गज नेताओं ने प्रचार दौरान धामी को अगला मुख्यमंत्री प्रजेन्ट किया था। लेकिव वो चुनाव हार गए। भाजपा के सामने अब सबसे बड़ा संकट है कि धामी के स्थान पर वो किसको मुख्यमंत्री बनाए। वहीं तीन बार मुख्यमंत्री की कुर्सी की दौड़ में रहने के बाद भी सतपाल महाराज को कुर्सी नहीं मिली। सतपाल महाराज भी इस बार चौबट्टाखाल सीट से चुनाव हार गए हैं। वहीं अगर भाजपा धामी को ही सीएम बनाती है तो उनको 6 महीने के भीतर किसी न किसी सीट से दोबारा चुनाव जीतना होगा। वहीं धामी के स्थान पर पार्टी किसी और भी मुख्यमंत्री के तौर पर गददी पर बैठा सकती है। लेकिन ये नया चेहरा कौन होगा। इसको जानने के लिए सभी बेचैन हैं।

