मतगणना में अखिलेश की अपील के बाद टकराव की आंशका, सुरक्षा तंत्र चौकस
रंजीता सिन्हा
लखनऊ। अंतिम चरण के मतदान के साथ यूपी विधानसभा चुनाव (UP assembly elections) तो अंतत: सम्पन्न हो गये लेकिन निष्पक्ष मतगणना करा पाना चुनाव आयोग के लिए अब एक बड़ी चुनौती है। यूपी चुनाव में सत्तासीन भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा के बीच कांटे की टक्कर रही। दोनों के खेमों के नेतृत्व के बीच के व्यक्तिगत आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर भले खत्म हो गया हो पर अब मतगणना के दौरान आपसी टकराव किस हद तक जा सकता है, इसको लेकर सुरक्षातंत्र भी एलर्ट मोड पर है।
असल में मतदान के सभी चरण पूरे हो जाने के बाद वाराणसी में ईवीएम चोरी करने और बदले जाने के समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोप के बाद ताजा हालात पैदा हुए हालांकि वाराणसी प्रशासन ने इस मसले पर अपनी सफाई दे दी है- पकड़ीं गई ईवीएम डमीं थीं, हां इनको ले जाने में त्रुटि हुई है।
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खासकर सपा, रालोद और कांग्रेस मतगणना में गड़बड़ी को लेकर आशंकित हैं। उन्होंने अपने-अपने कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नेताओं को सख्त हिदायत दे रखी है कि जहां-जहां ईवीएम मशीनें (EMV Machine) स्ट्रांग रूमों में बंद है, वहां-वहां सभी दिन-रात पहरा दें। हर स्थान पर दो-दो वकील हों। इतना ही नहीं, मंगलवार को सपा प्रमुख ने किसानों तक से अपील की कि जिस तरह वे अपने हक के लिए लड़े उसी तरह अपने वोटों की रक्षा के लिए संघर्ष करें। हालांकि वाराणसी में ईवीएम पकड़े जाने के बावत वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि ईवीएम का इस्तेमाल प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा था और वे मतदान में इस्तेमाल नहीं की गई
ऐसी आशंका यूं ही नहीं है। एक्जिट पोलों में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने की तस्वीर से सपा प्रमुख न केवल चिंतित हैं बल्कि मतगणना में टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया सकता। बहरहाल चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए फुलप्रूफ तैयारी कर रखी हैं। इस दौरान परिसर के 200 मीटर किसी को भी आने की अनुमति नहीं होगी। सुबह 7 बजे तक सभी काउंटिंग पार्टियां अपने-अपने निर्धारित मतगणना केंद्रों पहुंच जाएंगी और आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू करवा दी जाएगी। पोस्टल और सर्विस पोस्टल बैलेट की दायरे में वाहन लाने पर प्रतिबंध रहेगा।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने किसान आंदोलन का उदाहरण देकर युवाओं से लोकतंत्र का प्रहरी बनने को कहा है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि यदि चुनाव परिणाम (Election Results) सपा के अनुकूल नहीं आए तो क्या पार्टी इसे अस्वीकार करते हुए विरोध करने का प्लान बना रही है? अखिलेश ने एक ट्वीट में कहा है कि आज से, अभी से हर युवा, हर मतदाता अगले 3 दिन तक मत की रक्षा के लिए मतगणना केंद्र की किलेबंदी कर दे और ढोल-मंजीरा लेकर आजादी के अफसाने गाए किसानों की तरह उनके लिए भी लोकतंत्र के लंगर लगेंगे और दुनिया देखेगी लोकतंत्र को कैसे बचाया जाता है। राजनीति बाहुबल के आगे जनवल झुकेगा नहीं। उन्होंने इसे लोकतंत्र का आखिरी चुनाव भी बताया।
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संभव है अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की इस अपील केन्द्रों पर झुंड के झुंड एकत्र हों। अगर कहीं पिछले दिनों उन्होंने भी काउंटिंग में गड़बड़ों की उनके प्रत्याशी की हार होती दिखी तो वे उन्माद में आशंका जताते हुए किसानों से अपील की थी कि किसी तरह का कदम उठा सकते हैं। हालांकि ट्रैक्टर और बिस्तर के साथ काउंटिंग सेंटर्स के बाहर चुनाव आयोग ने पहले से ही सभी मतगणना केन्द्रों डेरा डाल दें। ये हालात टकराव की आशंका को पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैंए पर्याप्त पुलिस मजबूत ही कर रहे हैं। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका नि:संदेह निष्पक्षता-पारदर्शिता की नजीर बनेगी।

