लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने दूसरी बार सीएम पद की शपथ ले ली है। शुक्रवार को इकाना स्टेडियम में हुए शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रदेश भर से करीब 70 हजार कार्यकर्ता आये हुए थे। कार्यकर्ताओं से भरे मैदान के बीच 52 मंत्रियों ने शपथ ली है। इस मंत्रिमंडल के जरिये भारतीय जनता पार्टी ने न सिर्फ जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की है बल्कि जहां नुकसान हुआ है, उसका भी ध्यान दिया गया है। कुल मिलाकर योगी की कैबिनेट के जरिये 2024 की लड़ाई को लड़ने का भी खाका तैयार कर लिया गया है। भाजपा को पश्चिमी यूपी में नुकसान हुआ था, जिसको देखते हुए इस नाराजगी को दूर करने की कोशिश की गई है। यही कारण है कि 52 में से 16 मंत्री पश्चिमी यूपी से बनाये गये हैं। पश्चिमी यूपी में बीजेपी को खासा नुकसान हुआ था। इसकी भरपाई की कोशिश की गई है। 2017 की तुलना में बीजेपी को इस बार करीब 17 सीटों का नुकसान हुआ है। भाजपा ने पश्चिमी यूपी की 136 सीटों में से 93 सीटें जीती हैं, जबकि 2022 में यह आंकड़ा 110 था। सपा को यहां पर फायदा हुआ है, उसने 2017 में गठबंधन के साथ 20 सीटों पर परचम फहराया था तो इस बार यह आंकड़ा 43 हो गया है।
इन्हें बनाया मंत्री
पश्चिमी यूपी से भाजपा ने आगरा से विधायक और उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया है। बेबी रानी मौर्य दलित चेहरे के रूप में भाजपा के लिए अहम कड़ी हैं। इसके अलावा आगरा के ही डॉ. जीएस धर्मेश को भी मंत्री बनाया गया है, वहीं मथुरा से जाट समाज के लक्ष्मी नारायण चौधरी, मुरादाबाद से एमएलसी भूपेंद्र सिंह, आगरा से ठाकुर धर्मपाल सिंह, मुजफ्फरनगर के कपिलदेव अग्रवाल, अलीगढ़ से संदीप सिंह, गाजियबाद से नरेंद्र कश्यप, अतुल गर्ग, वेस्ट यूपी के प्रभारी ठाकुर जेपीएस राठौर, रामपुर से बलदेव सिंह औलख, मेरठ से दिनेश खटीक, बागपता से चौधरी के पी मलिक, मेरठ से ही सोमेंद्र गुर्जर, सहारनपुर से ठाकुमार कुंव बृजेश सिंह, सहारनपुर के ही जसवंत सैनी, संभल से गुलाबो देवी, अलीगढ़ से अनूप बाल्मीकी को मंत्री बनाया गया है।

