देहरादून। मतदान के बाद अब मतगणना पर प्रदेश भर की निगाहें लगी हुई है। मतगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। सभी की निगाहें आगामी 10 मार्च पर लगी हुई हैं। चुनावी नतीजों को लेकर सभी अपने गुणा-भाग में लगे हैं। 10 मार्च को ही पता चलेगा कि चुनाव में जीत का सेहरा किसके सिर पर सजेगा। 10 मार्च को ईवीएम खुलने के बाद सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेगी। मतगणना के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। मतगणना टेबल को 2017 की तरह ही रखा जाए या फिर उसमें कुछ परिवर्तन किया जाए इसको लेकर जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक की। यह भी देखा गया कि किस सीट के परिणाम कितने राउंड बाद मिल जाएंगे। किस सीट पर कितने राउंड मतगणना के चलाए जाएंगे। मतगणना टेबल को लेकर अभी सहमति पर मोहर नहीं लगी है। वर्ष 2017 चुनाव की तरह ही टेबल तय की जाएंगी तो बूथ संख्या के अनुसार सबसे अधिक राउंड धर्मपुर सीट पर ही चलेगा। क्योंकि इस सीट पर प्रत्याशियों की संख्या अधिक है। प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के चलते ही इस सीट का परिणाम भी सबसे बाद में आने की संभावना है। वहीं दूसरे नंबर पर चकराता विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों की संख्या सबसे कम है। माना जा रहा है कि इस तरह से प्रत्याशियों की संख्या कम होने के चलते इस विधानसभा सीट का परिणाम पहले आ सकता हैं। वहीं एक और विधानसभा सीट मसूरी (Assembly seat Mussoorie) भी है। जहां पर भी प्रत्याशियों की संख्या कम होने के चलते इस सीट पर चुनाव परिणाम पहले आ सकता है।
बता दें कि वर्ष 2017 के चुनाव में मतगणना (Counting of votes in elections) के दौरान हर विधानसभा सीट के लिए मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई थी। जिसमें एक टेबल रिटर्निंग अधिकारी की व्यवस्था थी। हर टेबल पर एक बूथ की ईवीएम के वोटों की गणना हुई थी। यानी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की सभी 14 बूथों पर 14 ईवीएम खोली गई। इस तरफ से विधानसभा क्षेत्र में जितने बूथ होंगे उसको 14 से भाग दिया जाएगा। जिसके बाद जो संख्या आएगी उसको राउंड माना जाएगा। जिस विधानसभा सीट पर जितने अधिक बूथ होंगे उस पर उतने ही अधिक राउंड मतगणना के होंगे।

