देहरादून। मौसम के चलते आगामी तीन दिन तक विश्व धरोहर फूलों की घाटी को अगले तीन दिनों तक के लिए पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया जाएगा। पार्क प्रशासन ने भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए निर्णय लिया है। वन क्षेत्राधिकारी गौरव नेगी ने जानकारी दी है कि पार्क प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी को देखने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है। अभी तक रिकॉर्ड 19,852 पर्यटक फूलों की घाटी का आनंद ले चुके हैं। जबकि 2019 में इस समय तक सबसे अधिक 17,424 पर्यटक घाटी में पहुंचे थे। फूलों की घाटी आगामी 31 अक्तूबर को बंद हो जाएगी। फूलों की घाटी में इस बार पर्यटकों का आगमन पूरे सीजन रहा। जिसके चलते घाटी में चहल-पहल बनी रही। एक जून को घाटी पर्यटकों के लिए खोली गई थी।
घाटी में पांच सौ से अधिक प्रजातियों के फूल अलग समय पर खिलते हैं। जुलाई के पहले सप्ताह से अक्तूबर तीसरे हफ्ते तक कई फूल खिले रहते हैं।
यहां प्रिम्यूला,पोटोटिला, एरिसीमा, एनीमोन, ब्लू पॉपी,एमोनाइटम, ब्रह्म कमल,मार्स मेरी गोल्ड,फैन कमल जैसे कई फूल खिले रहते हैं। दुर्लभ प्रजाति के जीवजंतु, वनस्पति व जड़ीबूटियों का भंडार है। विभिन्न प्रकार के फूल होने पर तितलियों का संसार रहता है। घाटी में मोनाल,कस्तूरी मृग,हिमालय का काला भालू, हिम तेंदुआ,गुलदार भी दिखता है। उत्तराखंड चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत है। प्राकृतिक खूबसूरती और जैविक विविधता के कारण साल 2005 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया था। 87.5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी न भारत बल्कि विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

