- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया
मेरठ। वेस्ट यूपी के लोगों की बड़ी मांग को पूरा करते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ के सरधना में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। करीबन 700 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस विश्वविद्यालय को तैयार होने में लगभग ढाई वर्ष का समय रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ कुछ फिटनेस उपकरणों पर भी हाथ आजमाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अचानक सड़क मार्ग से मेरठ पहुंच कर सबको चैंका दिया। दरअसल मौसम खराब होने के कारण पीएम का हेलीकाॅप्टर उड़ान नहीं भर पाया। मेरठ में औघड़नाथ मंदिर पहुंच कर प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा औघड़नाथ के दर्शन किए। इसके बाद शहीद स्मारक पहुंचकर पीएम मोदी ने शहीदों को नमन कर शहीद स्मारक का अवलोकन भी किया। तत्पश्चात प्रधानमंत्री मोदी सरधना के सलावा में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया।

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कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता की जय के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। वर्ष 2022 की शुभकामनाएं देते हुए पीएम ने कहा कि साल की शुरुआत में मेरठ आना सौभाग्य की बात है। मेरठ का इतिहास गौरवशाली है और इसने देश की आस्था को उजागर किया है। भगवान औघड़नाथ मंदिर और शहीद स्मारक जाने को अपना सौभाग्य बताते हुए पीएम ने कहा कि राष्ट्र रक्षा के लिए सीमा पर बलिदान की बात हो या खेल के मैदान में राष्ट्र के लिए सम्मान की, इस क्षेत्र ने सदा अपनी लौं को प्रज्जवलित रखा है। इतिहास में मेरठ का स्थान केवल एक शहर का नहीं बल्कि यह हमारी संस्कृति का अहम केंद्र है। चौधरी चरण सिंह जैसे दूरदृष्टिवान नेता देने वाला यह क्षेत्र मेजर ध्यानचंद की कर्मस्थली भी रहा है। हमने खेल के सर्वोच्च पुरस्कार का नाम दद्दा (मेजर ध्यानचंद) के नाम किया है।

पीएम ने कहा कि 700 करोड रुपए की लागत से बनने वाला यह विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे शानदार विश्वविद्यालय बनेगा और यहां से हर साल 1000 से अधिक खिलाड़ी निकलेंगे। पीएम ने कहा कि हिंदुस्तान बदल चुका है और 21वीं सदी में सबसे बड़ा दायित्व युवाओं के पास है। जिस मार्ग पर युवा चल रहे हैं वही देश का मार्ग है। युवा की नए भारत का कर्णधार है।, युवा ही नए भारत का नेतृत्व करता है। विज्ञान से लेकर साहित्य तक स्टार्टअप से लेकर खेलों तक भारत के युवा छाए हैं।

उन्होंने कहा कि पहले की सरकार का नजरिया और नीतियां खेलों के प्रति अलग रहे। पहले खेल खेलने वाले से पूछा जाता था कि काम क्या करते हो। खेल के प्रति सोच बदलना सरकारों का दायित्व था जो निभाया नहीं गया। पीएम ने कहा कि हम खेल और खिलाड़ी को विशिष्ट पहचान दिलाएंगे। खेलो इंडिया के माध्यम से टैलेंट पहचाना जा रहा है और इंटरनेशनल खिलाड़ी बनने के लिए हर संभव मदद की जा रही है। हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन ओलंपिक, पैरा ओलंपिक में दुनिया ने देखा। चयन में पारदर्शिता बरती गई तो मेडलों की झड़ी लग गई और खेल में भारत का उदय हुआ।

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पीएम ने कहा कि हमारे युवाओं में विश्वास पैदा होना और खेलों को रोजगार बनाना खेलों के विकास के लिए जरूरी है। खेलों को भी अन्य व्यवसायों की भांति देखा जाना चाहिये। जरूरी संसाधन मिलेंगे तो खेल संस्कृति आकार लेगी। मेरठ के खेल कारोबार का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि लोकल को ग्लोबल बनाने वाला मेरठ से 100 से अधिक देशों को खेलों का समान भेजा जा रहा है। खेल सामग्री के उत्पादन में भी देश को आत्मनिर्भर बनाना हमारा मकसद है। युवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हमारे युवा रोड माॅडल बनं।े विभिन्न योजनाओं में युवाओं को लाभ दिया जा रहा है, टेबलेट और स्मार्टफोन भी वितरित किए जा रहे हैं। किसानों के हित में योगी जी की सरकार में किसी की सरकार से ज्यादा गन्ना भुगतान किया गया। किसानों के बैंक खाते में सीधी रकम दी गई। पहले चीनी मिलें कौड़ियों के भाव बेचकर भ्रष्टाचार किया गया। लेकिन योगी जी की सरकार में चीनी मिले बंद नहीं होती बल्कि उनका विस्तार होता है, नयीं चीनी मिले खोली जाती हैं। 12 हजार करोड़ का एथेनाॅल उत्तर प्रदेश से खरीदा गया है।

मेरठ एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि अब दिल्ली तक का समय सफर एक घंटे का हो गया है। जल्द ही मेरठ से गंगा एक्सप्रेस-वे और मेट्रो-रैपिड भी शुरू होंगी। गजक, हैंडलूम, ब्रास बैंड, आभूषण जैसे कारोबार मेरठ की शान है और यही डबल इंजन की पहचान है। आज पूरा भारत पश्चिम के युवाओं की ताकत देख रहा है और यह ताकत देश की है। पश्चिम के लोग जानते हैं की उधर हाथ लंबा करोगे तो लखनऊ में योगी और इधर हाथ लंबा करोगे तो मैं बैठा हूं। नए साल में नई ऊर्जा के साथ विकास की गति को और बढ़ाना है।

