अमित बिश्नोई
कल मेलबोर्न में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत के चर्चे चल रहे हैं, चलें भी क्यों न, जीत ही ऐसी थी जिसपर खेलने और जीतने वाले को तो नाज़ होगा ही, देखने वाले भी गर्व महसूस कर रहे हैं, इतना रोमांचक और इतना बड़ा मैच बहुत कम देखने को मिलता है. एक ऐसा मैच जिसमें क्रिकेट के जितने भी उतार चढाव संभव हो सकते थे हुए, चारों तरफ विराट ही विराट छाये हुए हैं, हर कोई विराट और हार्दिक की चर्चा कर रहा है. बेशक इन दोनों की चर्चा होना लाज़मी है, काम ही ऐसा किया है मगर इस सारे शोर शराबे में एक नाम कहीं दबता हुआ महसूस हो रहा है जिसकी चर्चा बिना तो इस मैच की चर्चा करना ही बेमानी है और वो एक नाम है अर्शदीप सिंह का. अर्श की ओर बढ़ते इस दीप ने मैच की शुरुआत में ही जो लौ जगमगाई यह ऐतिहासिक जीत उसी की रौशनी में संभव हो सकी. यह उसी लौ का कमाल रहा कि उसकी रौशनी में कोहली और हार्दिक आगे बढ़ते रहे और मंज़िल तक पहुंचे।
जिस किसी ने पिछले टी 20 विश्व कप का वह मैच देखा हो जिसमें शाहीन की दो गेंदों ने टीम इंडिया को बैकफुट धकेल दिया था उन्होंने मेलबोर्न में फिर वैसा ही कमाल होते कल देखा। फर्क सिर्फ इतना था कि कल शाहीन की जगह हमारा अर्शदीप था जिसने अपने पहले दो ओवरों में पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी की रीढ़ बने कप्तान बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान को आउट कर दिया। 23 साल के इस नौजवान सेंसेशन ने तो बाबर को अपनी पहली ही गेंद पर शिकार बनाया, यह एक ऐसी गेंद थी जिसे आप unplayable की कैटेगरी में रख सकते हैं.
पिछले तीन सालों से डोमेस्टिक क्रिकेट और आईपीएल में अपनी छाप छोड़ने वाले अर्शदीप ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भी शानदार अंदाज़ में शुरुआत की है. पहले एशिया कप में अर्शदीप ने अपना जलवा दिखाया और अब विश्व कप में अपने पहले ही मैच में अपनी छाप छोड़ी है. ज़हीर खान के बाद टीम इंडिया को एक लेफ्ट आर्म पेसर की बहुत कमी खल रही थी, लगता है अर्शदीप उस खाली जगह को भरने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. 7 जुलाई 2022 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 आई से अपने इंटरनेशनल कैरियर की शुरुआत करने वाले अर्शदीप ने अपने इस छोटे से कैरियर में अबतक 14 टी20 मैच खेले हैं और 22 विकेट झटक चुके हैं.
अपने इस अल्पायु कैरियर में वह कप्तान का भरोसा जीत चुके हैं, रोहित शर्मा के लिए अर्शदीप अब वो खतरनाक हथियार हैं जिसपर उनको पूरा भरोसा है, शायद इसीलिए आज वह डेथ ओवरों में गेंदबाज़ी करते हुए नज़र आ रहे हैं. अर्शदीप के बारे में महान गेंदबाज़ कुंबले ने जो आईपीएल में पंजाब के मुख्य कोच भी हैं शायद सबसे सटीक बात कही है, कुंबले ने कहा कि अर्शदीप अपनी उम्र से ज़्यादा परिपक्व हैं और इसका सबूत उन्होंने तब दिया जब एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने एक बहुत आसान सा कैच छोड़ दिया था, उस मौके पर ऐसा कैच छोड़ने के बाद किसी भी युवा गेंदबाज़ का दबाव में आना बड़ी मामूली बात होती लेकिन अर्शदीप उसके बाद गेंदबाज़ी करने आये और उनकी गेंदबाज़ी में जरा सा भी दबाव नज़र नहीं आया जो दर्शाता है कि यह युवा गेंदबाज़ मानसिक रूप से कितना मज़बूत है. अर्शदीप के लिए अभी तो यह आगाज़ है, अभी इस दीप को अर्श पर जगमगाना है.

