श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ मोर्चा खोला
वर्तमान भाजपा सरकार के अंतिम वर्ष में संगठन की फूट सबके सामने आने लगी
देहरादून। खुद को अभिमन्यू बताने वाले पूर्व सीएम त्रिवेंद सिंह रावत अब चक्रव्यूह के अंतिम द्वार पर फंसते दिख रहे हैं। डोईवाला में पूर्व सीएम ने कार्यकर्ताओं को पांडवों की तरह प्रतिकार करने को कहा था। पूर्व सीएम के इस बयान पर भाजपा संगठन से लेकर विपक्षी दलों में भी हलचल पैदा हो गयी थी। अब श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने पूर्व सीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि पूर्व सीएम रावत को यह बताना चाहिये की कौन कौरव है और कौन पांडव।
उत्तराखंड में वर्तमान भाजपा सरकार के अंतिम वर्ष में संगठन की फूट सबके सामने आने लगी है। एकला चलो की नीति अपनाने के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व सीएम त्रिवेंद सिंह रावत को पद से हटा कर तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया। डोईवाला में त्रिवेंद सिंह रावत ने खुद को अभिमन्यू बताते हुए कौरवों द्वारा छल से अभिमन्यु का वध करने और कार्यकर्ताओं से पांडवों की तरह प्रतिकार लेने के बयान ने जाहिर कर दिया है कि सीएम बदलने के बाद भी पार्टी में सब कुछ सही नहीं है।
भाजपा के कद्दावर और वर्तमान श्रम मंत्री नेता हरक सिंह रावत को बाहर कर दिया गया था। अब हरक सिंह रावत ने पूर्व सीएम के बयान पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि, त्रिवेंद्र रावत बताएं कौन कौरव हैं और कौन पांडव हैं। क्या डोईवाला की जनता पांडव हो गई और हमारे राष्ट्रीय नेता कौरव हो गए क्या?
गौैरतलब है कि 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने वाले हरक सिंह रावत को त्रिवेंद्र रावत सरकार में कर्मकार कल्याण बोर्ड से बिना पूछे बाहर कर दिया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के चार सालों में हरक सिंह रावत का उनसे छत्तीस का आंकड़ा रहा। मगर प्रदेश में सीएम बदलते ही श्रम मंत्री हरक सिंह रावत का पार्टी में दबदबा फिर से कायम हो गया है। हरक सिंह रावत ने कहा भी है कि जब उन्हें कर्मकार कल्याण बोर्ड से बाहर किया गया था, तब भी कहा था मैं महाभारत का अभिमन्यु नहीं हूं जो अंतिम द्वार पर मारा जाऊं। ये भगवान का आर्शीवाद है, मेरी बात सही साबित हुई।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के अभिमन्यु वाले बयान से पार्टी हाईकमान भी नाराज बताया जा रहा है। पार्टी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से उनका नाम बाहर होने का कारण भाजपा शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी मानी जा रही है। ऐसे में महाभारत के चक्रव्यूह के अंतिम द्वार पर फंसे अभिमन्यु की तरह पूर्व सीएम रावत भी चुनावी वर्ष में मुश्किलों का सामना करते दिख रहे हैं।

