ज्योतिष पीठाधिश्वर स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, सरकार जनता की प्रतिनिधि है अभिभावक नहीं
मेरठ। जनता की प्रतिनिधि है अभिभावक नहीं। यदि किसानों को लगता है कि कृषि कानून उनके हित में नहीं है तो सरकार उनके साथ जबरदस्ती क्यों कर रही है। यह कहना है ज्योतिष पीठाधिश्वर स्वरूपानंद सरस्वती का जो उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ में सम्राट पैलेस स्थित राजराजेश्वरी मंदिर पहुंचे थे। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, राम मंदिर के नाम पर विहिप अपना कार्यालय बना रही है। कहा कि बांध बनाये जाने से गंगा की निर्मलता प्रभावित हो रही है।
ज्योतिष पीठाधिश्वर स्वरूपानंद सरस्वती ने मेरठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए हरिद्वार कुंभ मेले में स्नान करने आने वालों से कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट मांगे जाने को अनुचित करार दिया। हालांकि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने यह भी कहा कि कोरोना से संक्रमित किसी भी व्यक्ति को खुद ही कुंभ मेले में स्नान करने के लिये नहीं आना चाहिये।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बने पूर्व ट्रस्ट को दरकिनार करने पर अनेक बार आपत्ति जता चुके शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर विहिप अपना कार्यालय बना रही है। अयोध्या में भगवान राम का नहीं राम लला का मंदिर बनना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का जिक्र किया जिसमें भागवत कहते दिख रहे हैं कि राम को हम भगवान नहीं महापुरुष मानते हैं अयोध्या में हम उनका स्मारक बनाना चाहते है। शंकराचार्य ने कहा कि मुगल शासनकाल में जिन पौराणिक शहरों के नाम बदले गये थे उनका नाम बदलने की प्रक्रिया एक साथ होनी चाहिये। लेकिन पौराणिक शहर का नया नाम किसी राजनीतिक व्यक्ति के नाम पर नहीं होना चाहिये।

