अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर टीम इंडिया ने 234 का स्कोर खड़ा करने के बाद न्यूज़ीलैण्ड की टीम को 66 रनों पर ढेर कर दिया और इस तरह उसने टी 20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज कर ली. सबसे बड़ी जीत अभी श्रीलंका के नाम है जो उसने केनिया के खिलाफ 172 हासिल की है, एक समय तो यह भी संभव लग रहा था. इस एकतरफा मैच को जीतने के बाद टीम इंडिया ने एकदिवसीय में न्यूज़ीलैण्ड का सूपड़ा साफ़ करने के बाद 2 -1 से श्रंखला अपने नाम कर ली. यह भारत की धरती पर टीम इंडिया लगातार 25 वीं श्रंखला है जो उसने जीती है, इस तरह 2019 से भारतीय टीम अपने घर में अबतक अभेद्य बनी हुई है.
जल्दबाज़ी में लग रहे थे न्यूज़ीलैण्ड के बल्लेबाज़
शुभमान गिल के शतक की बदौलत भारतीय टीम ने 234 रनों का जो पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया उसके बोझ से न्यूज़ीलैण्ड के बल्लेबाज़ बिलकुल दबे हुए नज़र आये. उनकी आज की बल्लेबाज़ी देखकर तो ऐसा लग रहा था जैसे उनकी फ्लाइट छूटने वाली है और उन्हें मैच जल्दी से ख़त्म कर भागना है, बल्लेबाज़ आ रहे थे और जा रहे थे. उनकी घटिया बल्लेबाज़ी और भारतीय फील्डरों की शानदार कैचिंग ने हार जीत के अंतर को इतना बड़ा कर दिया। भारतीय फील्डरों ने कई शानदार कैच पकडे जिनमें स्लिप में सूर्यकुमार द्वारा पकडे गए दो कैच तो बेहद दर्शनीय रहे. वहीँ भारतीय बल्लेबाज़ी के दौरान कीवी फील्डरों ने कई कैच टपकाये जिनमें दो कैच तो शतकवीर शुभमन गिल के ही थे.
एकतरफा मैच से निराशा भी
बेशक स्टेडियम में मौजूद दर्शकों टीम इंडिया की कामयाबी का जश्न मनाया लेकिन कहीं न कहीं इतने एकतरफा मैच से उन्हें निराशा भी हुई. टीम इंडिया का आज हर गेंदबाज़ unplayable नज़र आ रहा था, एक कुलदीप को छोड़कर सभी ने विकेट हासिल किये जिसमें कप्तान हार्दिक के चार विकेट भी शामिल हैं. न्यूज़ीलैण्ड की तरफ से दही के सिर्फ दो स्कोर बने, 35 रनों की पारी डेरिल मिचेल ने खेली और 13 रन सेंटनेर ने बनाये। वहीँ भारतीय पारी के हीरो शुभमन रहे. गिल ने 126 रनों की नाबाद पारी खेली जो भारत के लिए टी 20आई में सबसे बड़ी पारी है, यह टी 20 आई में गिल का पहला शतक भी है. उनके आलावा राहुल त्रिपाठी ने 44 रनों की तूफानी खेली और आखिर में हार्दिक पंड्या ने 17 गेंदों में 30 रन बनाकर टीम को विशाल स्कोर के करीब पहुँचाया।

