IPO News: टाटा ग्रुप का आईपीओ 19 साल बाद बाजार में आएगा। इसके लिए सेबी की अनुमति मिल गई है। टाटा आईपीओ की बहुप्रतीक्षित में निवेशक कई साल से थे। बीते 19 सालों के बाद से टाटा ग्रुप का कोई आईपीओ बाजार में नहीं आया है। 19 साल में टाटा ग्रुप का यह पहला आईपीओ है। इससे पहले टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS का आईपीओ जुलाई 2004 में आया था।
बाजार नियामक सेबी ने टाटा टेक्नोलॉजीज के आईपीओ को मंजूरी दी है। जो लगभग दो दशक में बाजार में आने वाला टाटा ग्रुप का पहला सार्वजनिक निर्गम आईपीओ है। टाटा ग्रुप की कंपनी ने मार्च में सेबी के पास आईपीओ कागजात जमा कराए थे। टाटा का यह निर्गम पूरी तरह से बिक्री पेशकश OFS है। जिसके तहत बिक्री करने वाले शेयरधारक 9.57 करोड़ की बिक्री करेंगे। जो इसकी चुकता share capital का 23.60 % है।
जुलाई 2004 के बाद आएगा टाटा का आईपीओ
टाटा कंपनी का आईपीओ बहुप्रतीक्षित है। इसका कारण है कि ये आईपीओ 19 सालों के बाद बाजार में आ रहा है। टाटा ग्रुप की तरफ से आने वाला यह पहला आईपीओ है। इससे पहले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS का आईपीओ जुलाई 2004 में आया था। उसके बाद से निफ्टी का यह स्टॉक शेयर दलाल स्ट्रीट पर सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर्स में है। अब Tata Group का Market कैप 11.7 लाख करोड़ रुपए है।
टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी, टाटा टेक्नोलॉजी एक इंजीनियरिंग कंपनी है। जो विनिर्माण एलईडी उत्पाद विकास और डिजिटल इंजीनियरिंग से जुड़े उत्पाद प्रदान करती है। मूल रूप से इसकी स्थापना 1994 में कोर सॉफ्टवेयर सिस्टम के रूप में हुई थी। टाटा समूह ने इसका
अधिग्रहण फरवरी 2001 में किया था। उसके बाद कंपनी ने नाम बदलकर टाटा टेक्नोलॉजीज कर दिया था।
कंपनी के राजस्व का इसमें 40 प्रतिशत हिस्सा आता है। जिसमें टाटा मोटर्स और जगुआर लैंड रोवर से लेकर टाटा टेक्नोलॉजीज अपने राजस्व का अधिकांश हिस्सा ऑटोमोटिव वर्टिकल 75% से प्राप्त करते हैं। जिसमें ग्राहक टाटा मोटर्स और जगुआर लैंड रोवर हैं। जो कुल मिलाकर सेवा राजस्व में 40 प्रतिशत का योगदान देता है।

