एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद लगेगी एफआर
कानपुर, विकास दुबे कानपुर वाला यह डायलाग शायद अभी भी लोगों के जेहन में है। अपनी दबंगई से लोगों में खौफ पैदा कर चुका बिकरू का माफिया विकास दुबे का मयावी जाल काफी लम्बा है। जिसके चलते उसने इतने कम समय में अच्छी खासी अकूत संपत्ति पैदा की है। और अपने सिपहसलारों को भी लाभ पहुंचाया।
उसकी तूती का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि एसएसपी से लेकर बड़े आला अफसरों से उसकी पहचान थी जिसका वह फायदा उठाकर कई बड़े काम किया करता था। इसी सिलसिले में आज माफिया विकास दुबे के एनकाउंटर के मामले में उसकी पत्नी रिचा दुबे को पुलिस ने समन भेजकर पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।
दरअसल माफिया के एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच में ये कार्रवाई की गयी है। हालांकि माफिया की पत्नी ने अपने वकील से संपर्क किया है लेकिन अभी तक वह बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची है। बिकरू कांड में नौ जुलाई को माफिया विकास दुबे उज्जैन में गिरफ्तार कर एसटीएफ कानपुर ला रही थी। अगली सुबह सचेंडी के पास हादसे के दौरान विकास दुबे ने दरोगा की पिस्टल छीन भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में मार गिराया गया था। मामले में एसआईटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसके अलावा एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश हुए थे। जिसमें अभी तक हिस्ट्रीशीटर विकास की पत्नी रिचा दुबे के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।
मजिस्ट्रेट के निर्देश पर चौबेपुर पुलिस ने रिचा दुबे को एनकाउंटर से संबंधित समन भेज थाने में आकर बयान दर्ज कराने को कहा गया है। पुलिस के समन तालीम कराने के बाद रिचा ने कानपुर के एक वकील से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी लेकिन अभी तक रिचा दुबे बयान दर्ज कराने चौबेपुर थाने नहीं पहुंची है। वहीं माफिया विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर सचेंडी थाने में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज कराई थीं। जिसकी जांच इंस्पेक्टर अनुराग मिश्र के पास है। न्यायिक आयोग की जांच में एनकाउंटर भी शामिल है। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच भी जारी है। मजिस्ट्रेटी और एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस मामले में फ ाइनल रिपोर्ट लगायेगी।
विकास दुबे केस में बड़ा खुलासा …
असलहा लाइसेंस की 173 फाइलें रिकॉर्ड रूम से गायब
बिकरू काण्ड के मुख्य आरोपी माफिया विकास दुबे समेत असलहा लाइसेंस की 173 फाइलें कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम से गायब हैं। एसआईटी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ था, जिसके बाद एसीएम द्वितीय के पेशकार और तत्कालीन सहायक शस्त्र लिपिक को चार्जशीट देने के साथ पेशकार के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। एसआईटी ने माफिया विकास दुबे के असलहा लाइसेंस की समस्त फाइलों को तलब कि या तो पता चला कि कलेक्ट्रेट में कई फाइलें गायब हैं। जिसके बाद हरकत में आये प्रशासन ने तत्कालीन सहायक शस्त्र लिपिक और वर्तमान में एसीएम द्वितीय के पेशकार विजय रावत को नोटिस जारी की। नोटिस का भी जवाब नहीं मिला तो संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी गयी। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद आनन-फानन में जिला प्रशासन भी काररवाई में जुट गया है। एडीएम सिटी अतुल कुमार ने बताया कि पेशकार को चार्जशीट दी गई है। फाइल गायब होने में उसकी लापरवाही मानी गई है। जवाब मिलते ही आगे की काररवाई होगी। पुलिस भी इस मामले में जांच कर रही है। वहीं फाइलें गायब होने के मामले में एसआईटी ने सीबीसीआईडी से जांच कराने की भी संस्तुति की है। एडीएम सिटी ने बताया कि सीबीसीआईडी जांच की संस्तुति डीआईजी स्तर से होनी है, इसलिए उनको पत्र भेजा गया है।

